मुकेश सहनी ने महागठबंधन छोड़ने के बाद अपने भविष्य को लेकर किया खुलासा, तेजस्वी को माफ़ी मांगने की दी सलाह

बिहार की राजनीति में आये दिन कुछ ना कुछ नया होता रहता है. चुनाव की तारीखो के ऐलान के बाद से ही सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. सभी पर्टियां अपने अपने वोटरों के लुभाने का काम कर रही है. दूसरी तरफ पहले चरण के चुनाव के लिए आयोग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है. लेकिन अभी तक सीट वंटवारे को लेकर किसी भी पार्टी में बात नही बन सकी है.

बिहार में अगर कल की बात करें तो एक बड़ा राजनीतिक ब’वं’ड’र खड़ा हो गया था. महागठबंधन ने कल साम को संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर सीट शेयरिंग फॉर्मूले का खुलासा किया. लेकिन मुकेश सहनी को आरजेडी कोटे से सीट देने का तरीका उन्हें पसंद नहीं आया. फिर क्या था. महागठबंधन के प्रेस वार्ता के दौरान ही उन्होंने हं’गा’मा कर दिया और खुद ही उससे बाहर हो गए और तेजस्वी यादव के खि’ला’फ मु’र्दा’बा’द के नारे भी लगने लगे.उसके बाद मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव पर जमकर ह’म’ला बोला और कहा कि उन्होने पी’ठ पर छु’रा घों’पा है और पिछड़ा और अतिपिछड़ो का भी अपमान किया है. अब महागठबंधन से अलग होने के बाद मुखेश सहनी अपनी नई राह की तलाश में लग गये हैं. उन्होने अब अपने भविष्य को लेकर पत्ते खोलने लगे हैं.

वीआईपी प्रमुख ने कहा कि ‘लोकसभा चुनाव के दौरान भी हमें ची’ट किय गया. मैं दरभंगा से लड़ना चाहता था लेकिन खगड़िया से टिकट दिया गया. मुजफ्फरपुर और मधुबनी से भी मैं लड़ना नहीं चाहता था लेकिन जबर्दस्ती टिकट दिया गया. उन्होंने कहा कि आरजेडी हमेशा से ष’ड्यं’त्र रचती आई है. उन्होंने कहा कि  को उनके परिवार से ज्यादा मैं सपोर्ट करता था’. मुकेश सहनी ने यह भी बताया कि तेजप्रताप की तबीयत को लेकर झू’ठ बोला गया. उनकी तबीयत खराब होने का बहाना बनाया गया है. मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव पर गं’भी’र आ’रो’प लगाते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव का DNA ही सही नही है. क्योंकि जो अपने भाई का ना हो सका तो किसी दूसरे का क्या होगा. 

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