अब अंबानी में उतने जा रहे हैं ई कॉमर्स में, अलीबाबा को देंगे सीधा टक्कर!

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मुकेश अम्बानी ऐसे व्यापारी या बिजनेसमैन है जो अपने कारोबार के अनोखे तरीके से पूरे विश्व को हैरान कर देते हैं. रिलायंस टेलिकॉम बंद होने के बाद अम्बानी की तरफ से जिओ मार्केट में आया.. जिसे ऐसे अनोखे तरीके से लोगों के सामने पेश किया गया कि पूरी दुनिया अचंभित हो गयी.. भारत में अन्य टेलिकॉम कम्पनियों को लोगों ने दरकिनार कर दिया और जिओ पर टूट पड़े.. और जिओ सिम कार्ड की रिकॉर्ड बिक्री हुई.. खबर है कि अब अम्बानी रिटेल मार्केट में भी उतरने वाले हैं और अलीबाबा की तर्ज पर अपनी चेन बनायेंगे और अमेजन, फ्लिप्कार्ट जैसी ऑनलाइन रिटेल और ई कामर्स कम्पनियों के बादशाह को भी पीछे छोड़ने वाले हैं.इसकी पूरी तैयारी की जा रही हैं.

अबतक ऑफलाइन सामान बेचने वाले अम्बानी भी ऑनलाइन मार्केट में उतरकर इसके बड़े खिलाड़ियों में शामिल होना चाहते हैं. आइये हम आपको समझाते हैं कि आखिर कैसे ऑनलाइन मार्किट में सबको पीछे छोड़ सकते हैं अम्बानी .. दरअसल रिलायंस जियों का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या लगभग 30 करोड़ है और इसके जरिये वे सीधे ग्राहकों से जुड़ सकते हैं. हालाँकि जिओ के ग्राहकों के प्राइवेसी से खिलवाड़ नही किया जा सकता है इसके लिए हो सकता है कि जिओ और रिटेल को एक साथ मर्ज कर दिया जाए.. मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से रिलायंस रिटेल, रिलायंस फ्रेश जैसी सुविधाएँ दे रही है. कई शहरों में उसके स्टोर हैं और स्टोर पर सामान सप्लाई करने वाले वेंडर्स भी है ऐसे में उन्हें सिर्फ इन सबको ऑनलाइन जोड़ना ही है. इसके साथ ही अम्बानी ने प्लान बनाया है कि किसी भी सामान की बुकिंग करने वाले ग्राहक को 24 घंटे के भीतर उसका सामान पहुँच जाए और अगर ग्राहक को कोई शिकायत है तो अपनी शिकायत को ऑफलाइन दर्ज कर सकें..

अलीबाबा के चेयरमैन और फाउन्डर जैक मा का भी यही प्लान था. पहले उन्होंने छोटे छोटे दुकानदारों की एक चेन बनाई और फिर जैक मा की कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी थी। अब यही रास्ता अम्बानी भी अपनाने जा रहे है. पिछले कुछ ही सालों में अम्बानी ने करीब 25 छोटी बड़ी कंपनियों में निवेश किया है. वहीँ महिंद्रा ग्रुप के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने कहा था कि, ‘जब ई-कॉमर्स बिजनेस के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस का बड़ा रिटेल डिविजन जियो के नेटवर्क से मिलेगा, तो वह अमेजन को भी कड़ी टक्कर देगा।’ अगर बात करें नेट वर्थ की तो लगभग 25 कंपनियों में निवेश करने वाले जेफ बेजोस की कमाई 2018 में 7 लाख 77 हजार करोड़ रूपये थी, इसके बाद मुकेश अम्बानी की बात करें तो उनकी नेट वर्थ 2018 में 2 लाख 78 हजार करोड़ रूपये थी और अलीबाबा के चेयरमैन जैक मा की 2 लाख 70 हजार करोड़ रुपये थी. वहीँ अगर इन सबकी 2019 में जेफ़ बेजोस की नेट वर्थ की बात करें तो 36.6 फीसदी के इजाफे के साथ 10 लाख 62 हजार करोड़ हो गयी. अम्बानी की 37.5 फीसदी के इजाफे के साथ 3 लाख 81 हजार करोड़ हो गयी और जैक मा की बात करें तो इनके नेट वर्थ में 2.5 फीसदी का इजाफा हुआ और इनकी नेट वर्थ 2 लाख 76 हजार करोड़ रुपये हो गयी.. इन आकड़ो पर गौर करें तो पता चलता है कि अम्बानी ने साल 2018 में अलीबाबा के चेयरमैन जैक मा को भी पीछे छोड़ दिया था..

अब ई कामर्स कंपनी में उतरने के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सभी ई कामर्स कम्पनियों को पीछे छोड़ते हुए मुकेश अम्बानी इसके बादशाह बन सकते हैं. हालाँकि ई कामर्स और कम्पनी के विस्तार के लिए अधिक पैसे की जरुरत पड़ेगी.. ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर बेंचे जा सकते हैं. चर्चा तो यह भी है कि सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको को करीब 25 प्रतिशत शेयर बेचकर फंड जुटाया जाएगा .. हालाँकि देखने वाली बात होगी कि मुकेश अंबानी कबतक ई कामर्स कम्पनी में उतरते हैं और अपने लुभावने प्लान से अन्य कम्पनियों को पीछे छोड़ते हुए आगे निकल जाते हैं. हालाँकि खबर तो यह भी है कि घाटे की मार झेल कर अस्थायी रूप से बंद हुई जेट एयरवेज पर भी अम्बानी की नजर है. कहा जा रहा है कि अम्बानी इस कम्पनी में भी शेयर खरीद कर जेट एयरवेज की इस संकट की घड़ी से बाहर निकाल सकते हैं. फिलहाल जेट एयरवेज में एतिहाद की हिस्सेदारी 24 फीसदी है… हालाँकि अभी तक इस खबर की पुष्टि नही है