भाई ने पैसे देकर जेल जाने से बचाया पर राहुल गाँधी कहते हैं मोदी ने दिए 30 हज़ार करोड़

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मुकेश अंबानी अपने भाई अनिल अंबानी के लिए संकट मोचक बनकर सामने आये हैं. क्योंकि उन्होंने अनिल अंबानी का एरिक्सन से लिया क़र्ज़ अदा कर उन्हें जेल जाने से बचा लिया है. रिलायंस कम्युनिकेशन्स के चेयरमैन अनिल अंबानी पर एरिक्सन का 7.7 करोड़ डॉलर क़र्ज़ बकाया था. और उसका भुगतान ना करने की सूरत में उन्हें जेल जाना होता.

क्योंकि इससे पहले एक बार कोर्ट उन्हें इस क़र्ज़ को अदा करने की मोहलत दे चुका है, लेकिन अनिल फिर भी इसे अदा नहीं कर पाए. अगर इस बार भी ये क़र्ज़ अदा नहीं होता तो उन्हें कोर्ट की अवमानना के आरोप में तीन महीने के लिए जेल जाना होता.

यही वज़ह रही कि मुकेश अंबानी अपने भाई को बचाने के लिए आगे आये, और उन्होंने एरिक्सन का सारा बकाया पैसा अदा कर दिया. उनकी वज़ह से जब अनिल अंबानी जेल जाने से बचे तो अनिल ने उनको धन्यवाद भी दिया.

अनिल अंबानी ने कहा,

मुश्किल घड़ी में मुझे अपने परिवार से मदद मिली है. यह हमारे परिवार के मज़बूत मूल्यों को ही दर्शाता है. जिस वक़्त मुझे सबसे ज़्यादा मदद की ज़रूरत थी मेरा परिवार साथ खड़ा हुआ.

एक वक़्त ऐसा भी था जब मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच खटास थी, और दोनो एक दूसरे के कॉम्पेटीटर हुआ करते थे. लेकिन पिछले कुछ वक़्त से अनिल अंबानी की कम्पनी रिलायंस कम्युनिकेशन यानी आरकॉम अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जूझ रही थी.

एक वक़्त था जब यही रिलायंस एशिया की सबसे बड़ी टेलिकॉम कम्पनीज में शुमार होती थी. लेकिन कुछ वक़्त बाद मार्केट में लगातार बढ़ते कम्पटीशन की मार ने इसे झुकने पर मजबूर कर दिया.

और उसके बाद आया मुकेश अंबानी का “जिओ” जिसने बहुत सी कंपनियों को घाटे में डाला. और इन्ही घाटे में जा रही कम्पनियों में से एक थी अनिल अंबानी की आरकॉम. और अब एक वक़्त ऐसा आ गया है जब अनिल अंबानी को इसे दिवालिया घोषित करने की अर्जी देनी पड़ गई.

अनिल अंबानी ने स्वीडन के टेलिकॉम ग्रुप एरिक्सन से कर्जा लिया था. और साल 2018 में उन्होंने कोर्ट से ये वादा किया था कि वो दिसम्बर तक एरिक्सन का सारा क़र्ज़ उतार देंगे. लेकिन वो ऐसा नहीं कर सके.

मामला सुप्रीम कोर्ट गया और मुकेश को गिरफ्तार करने की बात कही जाने लगी. लेकिन सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश अंबानी को चार सप्ताह की मोहलत दी, और कहा कि वो इस मोहलत के अन्दर एरिक्सन का पैसा चुका दें, वरना उन्हें कोर्ट की अवमानना के जुर्म में तीन महीने के लिए जेल जाना होगा.

लेकिन ये चार सप्ताह की मोहलत पूरी होने से पहले ही मुकेश अंबानी ने आगे आकर अपने भाई की मदद की और एरिक्सन का सारा पैसा चुका दिया.

अंबानी भाइयों में मनमुटाव, अनिल अंबानी और उनकी कम्पनी आरकॉम का इस तरह अर्श से फर्श पर आना, और फिर मुकेश अंबानी का उनकी मदद करना किसी फ़िल्मी कहानी सा ही लगता है.

एक तरफ ये पूरा मामला दिखा रहा है कि अनिल अंबानी अपनी ज़िंदगी के सबसे मुश्किल दौर में हैं, और दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी उनपर बार- बार ये आरोप लगाते हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर राफेल डील में घोटाला किया है.

उन्होंने अपने भाषण में साफ़- साफ़ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अनिल अंबानी को 3 हज़ार करोड़ रुपये दिए हैं. कांग्रेस के बहुत से नेता भी हैं जो उनकी बातों को सच मानकर इस मुद्दे को उठाते रहते हैं.

वो कहते हैं कि राफेल डील से प्रधानमंत्री मोदी ने अनिल अंबानी को बहुत बड़ा फायदा पहुंचाया है.

अब हमारे मन में बार- बार बस एक ही सवाल आ रहा है कि, अगर प्रधानमंत्री मोदी ने राफेल डील, या किसी भी दूसरे तरीके अनिल अंबानी को इतना बड़ा फायदा पहुंचाया है, तो फिर उस फायदे का पैसा गया कहाँ? आरकॉम दिवालिया कैसे हो गई? और उन्हें क्यों ज़रूरत पड़ी मुकेश अंबानी से पैसे लेने की?

क्या आपको इसका जवाब पता है? या आपके मन भी ऐसा ही कोई सवाल है तो हमारे कमेंट बॉक्स में बताएं.

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