जवानों की तैनाती से तिलमिला गयी महबूबा मुफ़्ती , बोली- “हो जाओगे राख “

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जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ की टुकड़ियों को भेजे जाने से हलचल तेज है. जम्मू कश्मीर के नेताओं को डर सता रहा है. डर किस बात का है ये तो वही जाने, लेकिन जो बयान जम्मू कश्मीर के नेता दे रहें हैं उससे तो यही लगता है कि जवानों की तैनाती से इनके पसीने छूट रहें हैं कि ना जाने क्या होने वाला है! खैर आइये हम आपको बताते हैं कि कैसे कश्मीर के नेता भड़के हुए हैं और तिलमिलाएं हुए हैं.

दरअसल जो जानकारी मिल रही हैं उसके मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 25 जुलाई को तत्काल आधार पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 100 कंपनियां तैनात करने का आदेश दिया है. इस फैसले के तहत 100 और कंपनियां घाटी में भेजे जाने की संभावना है. एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं. ये इकाइयां CRPF (50 कंपनियां), SSB (30 कंपनियां) और ITBP एवं BSF से (10-10 कंपनियां) ली जाएंगी. जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक जवानों की नई इकाइयां या नई टुकड़ी घाटी में पहले से तैनात सुरक्षाबलों का हाथ मजबूत करेंगी जो वार्षिक अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं और रोजाना आतंकवाद निरोधक अभियान चला रहे हैं. इसके साथ विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी जवानों की तैनाती की जा सकती है लेकिन जम्मू कश्मीर के नेता ऐसे तिलमिला गये हैं जैसे कि उनका पूरा घरबार उजड़ने जा रहा है.

दरअसल जवानों की तैनाती के साथ ही साथ एक खबर और चल रही हैं जिसके मुताबिक़ सरकार जम्मू कश्मीर में 15 अगस्त को कुछ बड़ा एलान करने जा रही हैं. मतलब धारा 35A को हटाने जा रही हैं इसी के मद्देनजर जवानों की तैनाती की जा रही हैं. इस खबर को सुनते ही जम्मू कश्मीर के छोटे से बड़े नेता अपने होश ही खो बैठे उन्हें समझ ही नही आ रहा है कि आखिर होने क्या जा रहा है? जिसके बाद देखिये जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने के श्री मुख से क्या शब्द निकले हैं. महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि 35ए के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने जैसा होगा। इसके लिए जो हाथ उठेगा वो हाथ नहीं पूरा जिस्म जलकर राख हो जाएगा.

महबूबा मुफ़्ती के इस बयान से सवाल खड़ा होता है कि आखिर कश्मीर के नेता जवानों की तैनाती से इतने परेशान क्यों है? सिर्फ महबूबा मुफ़्ती नही बल्कि अलगाववादी नेताओं से लेकर सभी नेताओं में इस बात को लेकर चिंता है कि आखिर होने क्या जा रहा है. इतने जवानों की तैनाती क्यों रही हैं.