मध्य प्रदेश में बड़ा उलटफेर, सरकार बनाने की कोशिश कर रही भाजपा के एक विधायक ने कर दी बगावत

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पूरे देश का ध्यान मध्य प्रदेश के सियासी घमासान पर टिकी हुई है. आज राज्यपाल में फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था लेकिन कमलनाथ सरकार को कोरोना के रूप में जीवनदान मिल गया. कोरोना की वजह से विधानसभा की कारवाई 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई और भाजपा इसके खिलाफ कोर्ट पहुँच गई. भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने अपने विधायकों ओ एक दुसरे से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. और इस कोशिश में भाजपा को तगड़ा झटका लगा. सरकार बनाने की कोशिश में लगी भाजपा के एक विधायक ने ही बगावत कर दी.

सोमवार को भाजपा ने राजभवन में राज्यपाल के सामने अपने 106 विधायकों की परेड कराई. मध्य प्रदेश में भाजपा के विधायकों की संख्या 107 है लेकिन इस परेड में एक विधायक नहीं पहुंचे. मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी सोमवार को भोपाल में थे. विधानसभा सत्र 26 मार्च तक स्थगित होने के बाद विधायक नारायण त्रिपाठी बाहर तो निकले, लेकिन पार्टी विधायकों के साथ राजभवन नहीं गए और सीएम कमलनाथ से मुलाक़ात करने पहुँच गए.

करीब 20 मिनट तक कमलनाथ से मुलाकात करने के बाद नारायण त्रिपाठी ने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा, ‘मैंने सीएम से मुलाकात की, उनसे बात की और बाहर चला आया. सीएम से मुलाकात होगी तो किस संबंध में होगी. मैं तो सबसे मिलता हूं. आज मैं शिवराज सिंह चौहान से भी मिलूंगा.’

जब उनसे विधायकों की परेड में राजभवन न जाने पर सवाल पूछा गया तो वो झुंझला गए और कहा, ‘मैं नहीं गया क्योंकि ये मेरा मन है. मैं अभी बीजेपी का MLA हूं. बाकी आगे जब समय आएगा तो फैसला करूंगा.’ कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही भाजपा के लिए ये एक बड़ा झटका है. उधर राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को कल (17 मार्च) बहुमत साबित करने को कहा है. उन्होंने एक पात्र जारी करते हुए कहा कि अगर मंगलवार को बहुमत साबित नहीं किया गया तो सरकार अल्पमत में मानी जायेगी.