देश में कोरोना वायरस का ख’तरा बना हुआ है. जिसकी वजह से कई लोगो की मौ’त भी हो गयी है और सैकड़ो लोग इससे सं’क्रमित लोग पाए गए है. एक तरफ लोगो में कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलायी जा रही है वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में एक बार फिर से सि’यासी घमा’सान मच गया है. जिसकी वजह से कमलनाथ सरकार फिर एक बार चर्चा का विषय बन गयी है.

दरअसल बीजेपी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल राज्यपाल को फ्लोर टेस्ट का प्रस्ताव रखा था. जिसके बाद से कांग्रेस ने कुछ और दिन इसे टालने के पक्ष में आई थी. लेकिन आज फिर से हलचल चालू हो गयी है. बता दें कमलनाथ सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है. वहीं दूसरी तरफ सभी विधायको का कोरोना वायरस टेस्ट किया जायेगा  

 वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की गयी है कि हमारे जो भी विधायक जो जयपुर से भोपाल आये है.  उनका पहले कोरोना वायरस टेस्ट किया जायेगा साथ ही हरियाणा और बेंगलुरु में रहने वाले विधायकों की भी स्वास्थ्य जांच की जाएगी.

गौरतलब है 16 मार्च को कमलनाथ सरकार को अपना बहुमत साबित करना है. दरअसल कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य और उनके साथ 22 विधायकों ने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है और ज्योतिरादित्य ने बीजेपी का दा’मन था’म लिया है. जिसके चलते कमलनाथ सरकार के ऊपर सं’कट की स्थि’ति आ गयी है.