मध्यप्रदेश में सियासी हलचल तेज होती जा रही है. कमलनाथ सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी हैं. सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सरकार बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लाल जी टंडन के समक्ष अपने 106 विधायकों की परेड करवाई और लिस्ट सौंप दी है. जिसके बाद से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गयी हैं.

जानकारी के लिए बता दें सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद 6 मंत्री समेत 22 विधायकों ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद से ही कमलनाथ सरकार संकट में आ गयी थी. राज्यपाल लाल जी टंडन ने सीएम कमलनाथ को सोमवार को फ्लोर टेस्ट करने के आदेश दिए थे जिसके चलते बीजेपी ने तो अपने विधायकों की लिस्ट राज्यपाल को सौंप दी थी लेकिन कांग्रेस के विधायक नहीं पहुंचे और सभी विधायकों की कोरोना वायरस की जांच होने के बाद फ्लोर टेस्ट करने की बात कही लेकिन अब राज्यपाल लाल जी टंडन ने एक बार फिर सीएम कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर निर्देश जारी कर दिया है.

सरकार बचाने की लाख कोशिश कर रहे कमलनाथ को बड़ा झटका देते हुए राज्यपाल लाल जी टंडन ने निर्देश जारी किया है कि कमलनाथ मंगलवार तक फ्लोर टेस्ट करें. उन्होंने कहा है कि अगर वह मंगलवार तक फ्लोर टेस्ट नहीं करते हैं तो माना जायेगा कि उनकी सरकार विश्वास खो चुकी है. वहीं बीजेपी के विधायक थोड़ी देर में भोपाल से वापस हरियाणा के मानेसर पहुंचाए जा रहे हैं.

गौरतलब है कि सोमवार को शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लाल जी टंडन से मुलाकात करके अपने 106 विधायकों की लिस्ट सौंप दी है और कहा है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है, बीजेपी के पास संवैधानिक तरीके से सरकार बनाने का अधिकार है. अब देखना यह है कि अगर कल भी कमलनाथ फ्लोर टेस्ट नहीं करते हैं तो फिर क्या होता है? अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर बीजेपी एक बार फिर राज्य में अपनी सरकार बना सकती है.