फ़ौज में भर्ती बीमार बेटे से मिलने के लिए इस मां ने तय किया इतने हजार किलोमीटर सफ़र कि सोच भी नही सकते

कोरोना का कहर हर तरफ छाया हुआ है. देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस लगातार पाँव पसारता जा रहा है. सरकार इस महामारी के चलते एक के बाद एक बड़े कदम उठा रही है ताकि इससे लोगों को बचाया जा सके लेकिन मरीजों की संख्या में हर दिन तेजी से इजाफा हो रहा है. भारत में अब कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 13 हजार पार हो गयी है जोकि बेहद ही चिंताजनक है.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना के चलते इस समय पूरे देश में 3 मई तक के लिए लॉकडाउन चल रहा है. ऐसे में लोग जहाँ हैं वहीँ रह गये हैं और आवाजाही को बंद कर दिया गया है. वहीँ इसी बीच एक ऐसी खबर आई है जिसे जानने के बाद हर कोई चौंक ही जायेगा. दरअसल एक मां का 29 वर्षीय बेटा भारतीय सुरक्षा बल BSF में कार्यरत है. मां को जब अपने बेटे के बीमार होने की खबर मिली तो मां से रहा नहीं गया और उन्होंने बड़ा फैसला लिया.

फ़ौज में नौकरी कर रहे बीमार बेटे से मिलने के लिए मां अपनी बहू के साथ कार से निकल पड़ी. बेटे से मिलने के लिए मां ने इतने हजार किलोमीटर का सफ़र तय किया कि आप सोच भी नहीं सकते. जी हाँ शीलम्मा का 29 वर्षीय बेटा BSF में कार्यरत है और वह राजस्थान में पोस्टेड था. केरल की रहने वाली शीलम्मा को केरल से राजस्थान पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नही था लेकिन बेटे के प्यार के आगे वो कुछ भी नहीं था और मां से उससे मिलने का फैसला ले लिया और निकल पड़ी.

गौरतलब है कि केरल से राजस्थान तक पहुंचने के लिए इस मां को 4 राज्यों को पार करना पड़ा जिसमें तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात तब जाकर वह राजस्थान पहुंच पाई. कोरोना के चलते किसी साधन न होने की वजह से उन्होंने कार से ही निकलना पड़ा और वह अपनी बहू के साथ कार से निकल पड़ी. इस दौरान उन्होंने 2700 किलोमीटर का सफ़र तीन दिनों में पूरा किया. जिसके बाद वह अपने बेटे से मिली और उसकी तबियत का हालचाल जाना. बेटे से मिलने के लिए मां ने जो कदम उठाया वो वाकई में सराहनीय था.