भारतीय रेल से प्रभावित हुआ जापान, रेल मंत्रालय से की ये मांग!

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भारतीय रेल अपनी कामयाबी को लेकर इस समय पूरे विश्व में चर्चा का विषय बना हुआ है. नई ट्रेनों की शुरुवात हो या फिर पूरे देश को मानवरहित फाटक से मुक्त करना..पिछले कुछ सालो में भारतीय रेल नई ऊँचाइयों को छूने में कामयाब रही हैं ..बिहार की मिथिला पेटिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा चुकी थी लेकिन अच्छी कामयाबी नही मिल पा रही थी. दीवालों पर मिथिला पेटिंग बनाकर लोगों को इसके बारे में याद दिलाया जा रहा था लेकिन रेल मंत्रालय द्वारा लिया गया एक निर्णय आज पूरे विश्व में मिथिला पेंटिग को नाकि पहचान दिला रहा है बल्कि इसके मांग भी अधिक बढ़ा दी है…अब इसी मिथिला पेंटिग का दीवाना जापान हो गया है और जापान ने भारतीय रेल मंत्री पियूष गोयल से मदद मांगी हैं और कहा है कि अपने कुछ लोगों को हमारे यहाँ भी भेज दीजिये..हम भी अपनी ट्रेनों को भारतीय रेल जैसा बनाना चाह्रते हैं..हमारी मदद कीजिये


जी हाँ ये कोई मजाक नही है. यही हकीकत हैं…दरअसल केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी देते हुए लिखा कि भारत की मिथिला पेंटिंग्स जब ट्रेन पर उकेरी गई तो इसने देश के साथ विदेशियों को भी अपनी सुंदरता से प्रभावित किया। जापान ने मिथिला पेंटिंग्स की ख़ूबसूरती को देखकर इस कला के चित्रकारों की टीम भेजने का अनुरोध किया है। भारत सरकार ने जापान के इस अनुरोध को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।
ये तो रही जापान की बात जो भारत से बिहार के जान कही जाने वाली मिथिला पेंटिंग से इतना प्रभावित हुआ है कि उसे रेल मंत्रालय से अपने यहाँ कि ट्रनो पर पेंटिंग लिए एक टीम की मांगी है. सिर्फ जापान ही नही बल्कि कनाडा ने भी भारत सरकार इसी तरह की मांग की है. उन्होंने लिखा है कि “मिथिला पेंटिंग्स न सिर्फ़ पर्यटकों व यात्रियों को आकर्षित करती है, बल्कि इसे देखने के बाद एक सकारात्मक विचार मन में उत्पन्न होता है। जब भी व्यक्ति तनाव में रहता है तो सकारात्मक चित्र या अच्छे माहौल में रहने से वह कम होता है। ऐसे में यदि भारत सरकार कलाकारों की टीम को कनाडा भेजती है तो यहाँ की प्रमुख ट्रेनों की बोगियों पर इस पेंटिंग्स को उकेरा जाएगा ।”


दरअसल दरभंगा-दिल्ली सप्तक्रांति एक्सप्रेस पर मिथिला पेंटिंग की गई, इस ट्रेन की बोगियों के बाहरी हिस्से को मिथिला पेंटिग से भर दिया गया.जब इस बोगी को लोगों के सामने लाया गया तो यह एक आकर्षण का केंद्र बन गया और लोगों को काफी पसंद आया. जिसे देखने के लिए ही लोग स्टेशन पर पहंचने लगे. . सिर्फ ट्रेने ही नही बल्कि कई स्टेशनो को भी मिथिला पेंटिंग के जरिये सजाया और संवारा गया है. धीरे धीरे इस तरह की ट्रेनों की तादात बढ़ गयी और अब हाल ये है कि भारतीय रेल की पहल से पूरे विश्व में मिथिला पेंटिंग लोगों को अपना दीवाना बना रही है. संयुक्त राष्ट्र संघ भी मिथिला पेंटिंग और भारतीय रेल की इस पहल की तारीफ कर चुका है. अब भारतीय रेल का कहना है कि जापान और कनाडा भेजने के लिए मिथिला पेंटिंग के कलाकारों का चयन किया जा रहा है और जल्द ही टीम तैयार कर उन देशों में भेजी जाएगी। मिथिला पेंटिंग को मधुबनी पेंटिंग भी कहते हैं.