लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करने वाले शख्स को सरकार ने किया पद्मश्री से सम्मानित

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देश के 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई. इस बार 7 हस्तियों को पद्म विभूषण, 16 को पद्म भूषण और 118 को पद्मश्री से नवाजा गया है. जिन 118 शख्सियतों को पद्मश्री देने की घोषणा की गई है उनमे कई नाम ऐसे हैं जो लोगों को चौंका रहे हैं. क्योंकि अब से पहले ना तो किसी ने उनका नाम सुना था और ना ही उनके काम के बारे में कोई जानकारी थी. लेकिन सरकार ने उनके नाम और काम को नई पहचान दी. उन्ही नामों में से एक है मोहम्मद शरीफ का नाम.

अयोध्या के रहने वाले मोहम्मद शरीफ लावारिश ला’शों का अंतिम संस्कार करते हैं पिछले 27 सालों से उन्होंने ऐसे 25 हज़ार से ज्यादा ला’शों का अंतिम संस्कार किया है जिन्हें कोई लेने नहीं आता. अयोध्या में उन्हें शरीफ चचा के नाम से पहचाना जाता है. लेकिन उन्होंने इस काम को क्यों चुना इसके पीछे की कहानी काफी मार्मिक और भावुक कर देने वाला है.

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में उनके बेटे की ह’त्या कर दी गई थी और उसकी ला’श को फेंक दिया गया था. बहुत खोजने के बाद भी उसकी ला’श नहीं मिली. उसके बाद मोहम्मद शरीफ ने लावारिश ला’शों को ढूंढ ढूंढ कर उनका अंतिम संस्कार करना शुरू किया.

पद्म श्री पाने वालों की लिस्ट में अपना नाम देख कर मोहम्मद शरीफ बेहद खुश हैं. उनका कहना है, ‘मोदी सरकार ने मेरी सेवाओं की कद्र कर मुझे यह सम्मान दिया है. इस सरकार ने बिना किसी भेदभाव के निर्णय किया है. मैं चाहता हूं कि यह सरकार सत्ता में बनी रहे और जैसी जनहित की योजनाए चला रही है, उसमें और बढ़ोतरी करें.’