सेना के लिए मोदी सरकार के इस कदम पर आपको गर्व होगा

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शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले। वतन पे मरने वालों का बाकी यही निशान होगा .

कड़ाके की ठंड को झेलते हुए देश की सरहदों पर तैनात जवान पूरे देश की रक्षा करता है,उनकी वजह से ही हम और आप सुरक्षित है। सेना 24 घण्टे सीमा पर तैनात रहकर हमारी और आपकी रक्षा करती आई है,देश में ही रहने वाले देश के ही गद्दार लोगो की रक्षा सेना करती आई है। ना जाने कितनी बार ऐसे मौके आए जब सेना के जवानों ने अपनी बहादुरी से दुश्मन के नापाक मंसूबो को विफल करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया दिया।

2014 से पहले ऐसा भी हुआ जब हाथ सरकारी रस्सी से बंधे होने के चलते सेना के जवान कुछ नही कर सके और भारी संख्या में अपनी जान गंवा बैठे। लेकिन ज़रा सोचिए की जब कोई जवान शहीद होता है तो उसके परिवार पर क्या बीतती है??? सरकारें आती और जाती रही लेकिन जरा दिमाग पर जोर डालिए कि पिछली सरकार ने देश के लिए जान गवाने वाले जवानों को याद करने के लिए क्या कुछ खास किया ??? आप कभी ऑस्ट्रेलिया,इंग्लैंड जैसे देशो में जाइए,वहां की सरकारें सेना के जवानों के लिए मोटा फंड आवंटित करती है। सैनिक अगर वहां शहीद हो जाता है तो उनके स्मारक वैगरह बनवाने के साथ जवान के परिवार को आर्थिक मदद की व्यवस्था भी वहां की सरकार करती है।

हमारे देश मे 2014 तक ऐसा ही चलता रहा,यानी फौजी ये दुनिया छोड़कर जाते रहे और सरकार खामोश रही। लेकिन सत्ता बदलने के साथ वक्त ने भी करवट ली और मोदी सरकार के आने के बाद से इसमें सुधार हुआ शुरू हो गया। जो जवान हमला करने से पहले परमिशन का इंतजार करते थे,उनके हाथ भी सत्ता बदलने के साथ खुलते गए। नतीजा ये हुआ कि सीमा पर शहीद होने वाले जवानों की संख्या बहुत कम हो गई। ख़ैर, शहीद हुए जवानों की याद में अब मोदी सरकार काफी अहम फैसले लेने जा रही है।

दरअसल देश की राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट पर वॉर मेमोरियल बनकर तैयार है। ये शहीद स्मारक आजादी से अब तक विभिन्न युद्धों और अभियानों में शरीद होने वाले 22,600 सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए निर्मित किया गया है। इसमें भी इंडिया गेट की तरह अमर ज्योति जलेगी। कुल 176 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर करेंगे। सबको समझना होगा कि अब वक्त बदलाव का है,देश के विकास का है और शहीदों के सम्मान का है।