मोदी और पुतिन की दोस्ती देख चिढ़ गया पाकिस्तान

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भारत और रूस की दोस्ती बरसों पुरानी है. समय की हर कसौटी पर ये दोस्ती खरी उतरी है. इस दोस्ती को नई बुलंदियों पर पहुँचाने के लिए पीएम मोदी दो दिन के रूस दौरे पर हैं. रूस के ऐतिहासिक शहर व्लादिवोस्तोक में पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच न सिर्फ द्वपक्षीय वार्ता हुई बल्कि 13 अहम समझौते पर दस्तखत भी हुए, जो दोनों देशों के बीच के रिश्ते को और मजबूती देंगे. मुलाकातों और बातों के बीच एक ऐसी खबर भी आई जो पाकिस्तान के जले पर नमक छिडकने के लिए काफी थी. रूस ने पीएम मोदी को अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ सेंट ऐंड्रू द अपोस्टल” देने का ऐलान किया.

इस खबर से पाकिस्तान तिलमिला गया होगा. उसका तिलमिलाना स्वाभाविक भी है. कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद जहाँ पाकिस्तान दुनिया भर के देशों को भारत के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहा है वहीँ ये देश पीएम मोदी को सम्मानित कर रहे हैं. पहले यूएई ने उन्हें अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया, फिर बहरीन ने उन्हें सम्मानित किया और रूस ने भी उन्हें अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने का ऐलान किया. पीएम मोदी और ब्लादिमीर पुतिन के बीच हुए द्विपक्षीय बातचीत के बाद दोनों साझा प्रेस कांफ्रेंस किया और कई ऐलान किये.

साझा प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्हें भारत के आंतरिक मामलों से दूर रहने की चेतावनी भी दी. इसी प्रेस कांफ्रेंस में भारत और रूस के बीच डिफेंस, न्यूक्लियर एनर्जी, स्पेस, बिजनस टु बिजनस समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हुए समझौतों का भी ऐलान हुआ.

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद रूस ने इसे सीधे सीधे भारत का आन्तरिक मामला बताया था और भारत के कदम का समर्थन किया था. इस लिहाज से पीएम मोदी का ये रूस दौरा भारत और रूस की दोस्ती में मील का पत्थर साबित होगी इसमें कोई दो राय नहीं. कश्मीर पर फैसला के बाद पीएम मोदी लगातार विदेश दौरों पर हैं. फ़्रांस, यूएई, बहरीन के बाद रूस की यात्रा से पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर जो कूटनीतिक बढ़त बनाई है उससे पाकिस्तान को बौखलाहट तो खूब हुई होगी. लेकिन बौखलाने के अलावा उसके पास और कोई चारा भी नहीं है.