अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने कहा कि ‘योग साधक सं’कट में कभी धैर्य नहीं खोता’

246

21 जून यानी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को आज पूरा देश मना रहा हैं. योग दिवस पर देश के प्रधानमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा की हमे योग दिवस पर सं’कट के समय में धै’र्य रखना होगा. क्योकि आज अपना देश एक म’हामा’री से झूज रहा है. जिसमे हम सबको मिलकर लड़ना होगा और इससे हम सभी लोग को जं’ग जीतनी होगी. कोरोना वायरस का डट कर सामना करना होगा और हम सभी लोग इसपर जीत हासिल करेंगे.

योग दिवस पर पीएम मोदी ने कहा कि साधक कभी सं’कट में धै’र्य नहीं खोता हैं. योग का अर्थ ही है- समत्वम् योग उच्यते. अर्थात, अनुकूलता-प्रतिकूलता, सफलता-विफलता, सुख-सं’कट, हर परिस्थिति में समान रहने, अडिग रहने का नाम ही योग है. गीता में भगवान श्री कृष्ण ने योग की व्याख्या करते हुए कहा है- ‘योगः कर्मसु कौशलम्’अर्थात्, कर्म की कुशलता ही योग है.

पीएम मोदी ने कहा कि जब हम योग के माध्यम से समस्याओं के समाधान और दुनिया के कल्याण की बात कर रहे हैं, तो मैं योगेश्वर कृष्ण के कर्मयोग का भी आपको पुनः स्मरण करना चाहता हूं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है-

युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु।

युक्त स्वप्ना-व-बोधस्य, योगो भवति दु:खहा।।

अर्थात्, सही खान-पान, सही ढंग से खेल-कूद, सोने-जागने की सही आदतें, और अपने काम, अपनी कर्तव्य को सही ढंग से करना ही योग है.

पीएम मोदी ने कहा कि ‘हमारे यहां निष्काम कर्म को बिना किसी स्वार्थ के, सभी का उपकार करने की भावना को भी कर्मयोग कहा गया है. कर्मयोग की ये भावना भारत के रग रग में बसी हुई है. एक सजग नागरिक के रूप में हम परिवार और समाज के रूप में एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे. हम प्रयास करेंगे कि घर पर योग और परिवार के साथ योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं.हम जरूर सफल और विजयी होंगे.’पीएम मोदी ने कहा कि योग कोरोन से लड़ने में काफी मददगार साबित होगा. उन्होंने सभी देशवासियों को छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी को बधाई दी.