मोदी देश के लिए जीते है ,और देश के लिए मरते-वरुण गाँधी

342

आम चुनावों में अब ज्यादा समय नहीं बचा है,ऐसे में रैलीयो का दौर और बढ़ रहा है..हर नेता अपनी अपनी पार्टी के कामो को गिनवाने में लगा हुआ है..आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी बढ़ रहा है..अब इसी सियासी माहौल में आने वाले आम चुनाव में पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा देश को एक लंबे आरसे बाद ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसके बारे में छाती चौड़ी करके बोल सकते हैं कि हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है,मेरे परिवार में भी कुछ लोग पीएम रहे हैं, लेकिन जो सम्मान मोदी ने देश को दिलाया है, वो बहुत लंबे समय से किसी ने देश को नहीं दिलाया…वो आदमी केवल देश के लिए जी रहा है और वो मरेगा भी अपने देश के लिए, उसको केवल देश की चिंता है..आगे उन्होंने कहा कि आप जानते है कि राजनीति कितनी गन्दी चीज है इसमें छह महीने में ही नेताओ पर आरोप लग जाते है लेकिन पांच साल में मोदी जी के ऊपर एक भी बेईमानी का धब्बा नहीं है और ना ही कोई चोरी चाकरी का आरोप लगा और अगर मोदी चोरी करेंगे तो भी किसके लिए करेंगे, उनके पास तो परिवार में कोई आगे पीछे है नहीं, वो आदमी सिर्फ देश के लिए ही सोचता है पर उसी के लिए जिन्दा है और मरेगा तो सिर्फ देश के लिए।

वरुण गाँधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते हैं…वो एक बड़े राजनितिक परिवार से आते है, उन्होंने राजनीति के हर उतर चढाव को बड़े करीब से देखा है,उनके पिता संजय गाँधी को एक समय में इंदिरा गाँधी के बाद पहुचा जाता था वो राजीनीति के एक बड़े धुरंधर माने जाते थे,वो अपने कडक फैसलों और हर चीज़ पर अपनी बेवाक राय रखने के लिए जाने जाते है लेकिन उनकी एक्सीडेंटल डेथ हो जाने के बाद राजीव गांधी राजनीति में आए और आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री बने..वैसे वरुण गाँधी अभी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद है और इस बार वो पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार है ,उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर सीट से जीत दर्ज की थी ,लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें पीलीभीत से टिकट दिया है..और उनकी मां और केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी को पीलीभीत की बजाय सुल्तानपुर से टिकट दिया है.. वैसे सीटों की यह अदला-बदली बीजेपी की रणनीति मानी जा रही है.क्यों की सुल्तानपुर लोकसभा सीट अमेठी और रायबरेली के पास ही आती है और दुसरो तरफ कांग्रेस की ओर से पूर्वांचल की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गई है,पर मेनका भी गांधी परिवार से ही आती हैं तो ऐसे में कयास लगाये जा रहे है कि मेनका की मौजूदगी से प्रियंका का असर बखूबी कम किया जा सकता है.

वैसे कुछ दिनों पहले यह खबरें सामने आई थी कि कांग्रेस ने वरुण गांधी से संपर्क साधा था, लेकिन वरुण गांधी ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से झूठ है, परिवार में मेरी एक ही गुरू हैं और वो मेरी मां हैं। महज 23 वर्ष की उम्र में मेरी मां विधवा हो गईं थीं, उन्होंने पूरा जीवन संघर्ष किया, मैं अपनी गर्दन काट लूंगा लेकिन मां के सम्मान में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दूंगा,और भाजपा ने मेरी मा और मेरा हमेशा सम्मान किया है , और भाजपा में एक ही परिवार है जिसके दो सदस्यों को चुनाव लड़ाया जा रहा है..वैसे सवर्गीय बाल ठाकरे ने भी कहा था कि वरुण को देखकर हमें लगता है कि संजय गांधी ने फिर से जनम लिया है.. और कई लोगों को उनके उनके पिता कि ही तरह वो साफ़ और सीधा बोलने वाले लगते है.
लेकिन हमेशा से उनके नाम पर ये अफवाहें उडती रहती थी, कि पार्टी में रह कर वो पार्टी के खिलाफ विरोध के शुर उठाते रहते है,तो कभी ये कि वो कांग्रेस की ओर अपना रुख कर रहे है लेकिन अब उनके इस बयान से इन सारी झूठी अफवाहों पर ताला लग गया है,और साफ़ हो गया है कि ये अफवाहे निराधार थी