सामने चीन का खतरा, वायुसेना ने सरकार को दिया रूस ने 33 नए ल’ड़ाकू विमान खरीदने का प्रस्ताव

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गलवान घाटी में चीन से मिले धोखे के बाद मोदी सरकार ने सेना को चीन के दुस्साहस से निपटने के लिए फ्री हैण्ड दे दिया है. सेना को साफ़ कहा गया है कि वो चीनी सैनिकों से अपने हिसाब से निपटे. सरकार से आदेश्ग मिलते ही थल सेना, वायुसेना और नौसेना पूरी तरह से चौकन्नी हो गई ताकि अगर चीन को दुस्साहस करे तो उसे सबक सिखाया जा सके. अब खबर है कि वायुसेना ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि जं’ग के मोर्चे पर कुछ ल’ड़ाकू विमानों की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए भारतीय वायु सेना ने सरकार को 33 नए ल’ड़ाकू विमान खरीदने के लिए एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें 21 मिग -29 और रूस से 12 Su-30MKI शामिल हैं.

इसके अलावा करीब 6000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले प्रस्तावों को भी जल्द ही रक्षा मंत्रालय में अनुमोदन के लिए भेजा जायेगा. वायु सेना पिछले कुछ समय से इस योजना पर काम कर रही थी लेकिन वायुसेना ने चीन के खतरे को सामने देखते हुए अब इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव में 12 एसयू -30 एमकेआई का अधिग्रहण शामिल है, जो विभिन्न दु’र्घटना’ओं में गंवाए गए विमानों की जगह लेने के लिए जरूरी हैं.

अब भारतीय वायुसेना रूस से 21 मिग-29 को हासिल करने की योजना बना रही है। रूस ने भारतीय वायु सेना को नए ल’ड़ाकू विमानों की आवश्यकता को पूरा करने में मदद करने के लिए इन विमानों को बेचने की पेशकश की है. वर्तमान में वायु सेना के पास मिग -29 के तीन स्क्वाड्रन हैं जिनको एक्टेंशन दिया गया है और अपग्रेड किया गया है. मिग-29 एयर डिफेंस के लिए सबसे विश्वसनीय मानी जाती है.