सरकार बना रही लिस्ट, चीन को झटका देने के लिए चुन चुन कर चीनी सामानों को बैन करने की तैयारी

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गलवान घाटी में चीन के दुस्साहस के बाद भारत में बायकॉट चाइना की मांग तेज होती जा रही है. लोग चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं और सर्कार से भी मांग कर रहे हैं कि चीनी सामानों का आयात ही बंद कर दें ताकि न तो चीनी सामान भारत आएंगे और ना ही बिकेंगे. भारत सरकार भी समझ रही है कि चीन की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए न सिर्फ सैन्य बल बल्कि चीन की अर्थव्यवस्था को भी चोट देनी होगी. इसलिए अब सरकार उन सामानों की लिस्ट तैयार कर रही है जो चीन से आयात होते हैं. सरकार चुन चुन कर चीनी सरकारों को बैन करने की तयारी कर रही है.

भारतीय बाज़ारों में चीन की घुसपैठ हद से ज्यादा है. मोबाईल फोन से लेकर दिवाली की झालरें तक चीन से आती है. भारत सरकार जानती है कि भारत आत्मनिर्भर तभी बन सकता है जब चीनी सामनों पर निर्भरता कम होगी. इसलिए केंद्र सरकार ने इंडस्ट्री से कहा है कि उन सामानों की लिस्ट तैयार करे जो चीन से खरीदा जाता है. इंडस्ट्री से डीटेल रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार गैर जरूरी सामानों की पहचान करेगी जिसे चीन की बजाए लोकल स्तर पर ही तैयार किया जा सके. इंडस्ट्री अपनी लिस्ट में उन सामानों को विशेष रूप से बताएगी, जिसका आयात बंद करना अभी संभव नहीं है.

इंडस्ट्री से कहा गया है कि वो तीन टर्म में लिस्ट तैयार करे. शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म. शोर्ट टर्म यानी कि जिन चीजों को तत्काल बंद किया जा सके और जो चीजें देश में ही आसानी से बनाई जा सकती है. मीडियम टर्म मतलब जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक इसे चीन से मंगावाया जाये साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था भी युद्ध स्तर पर की जाये. सरकार ने भी अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी है और प्राइवेट सेक्टर में चीनी कंपनियों को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट कैंसल किये जा रहे हैं. रेलवे और BSNL, MTNL ने कई ठेके रद्द किये हैं जिन्हें चीनी कंपनियों को दिया गया था.