मोदी सरकार के इस कदम से बड़ी मुसीबत में आ गया देश

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लोग उड़ाते है मेरी खिल्ली,ममता दीदी आना चाहती है दिल्ली
सभी पार्टियों पर चढ़ा है चुनाव का खुमारमै हूँ आपका चहेता बत्तमीज कुमार.

आपने तो देखा ही होगा कैसे मोदी ने मिशन शक्ति नाम की एक मिसाईल आसमान में छुड़वा दी। अमेरिका,रूस,चीन जैसे देशो के बाद भारत ऐसी गन्दी हरकत करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है।
अब कोई देश अपने उपग्रह से अगर हमारे संचार सिस्टम यानी फोन कॉल्स,इंटरनेट,जीपीएस सिस्टम और प्रसारण, ब्रॉडकास्ट पर निगाह रखने की कोशिश करेगा तो उसको भारत उसको मिनटों में मार देगा। मोदी सरकार भले खुश हो रही हो लेकिन ये गलत है। वसुधैव कुटुम्भकम वाले देश में मोदी ऐसी खतरनाक चीज कैसे तैयार करवा सकते हैं। ये दुनिया भर में भारत को बदनाम करवाने का एक जानलेवा कदम है ।

इस मिसाइल ने भले ही तीन मिनट के भीतर अंतरिक्ष मे मौजूद एक सेटेलाइट को मार गिराया हो। लेकिन बत्तमीज कुमार यानी मेरी रिपोर्ट में ये देश दुनिया के खिलाफ भयंकर साजिश है।
मोदी इस मिशन से हमारे भिंडिटीवी की टीआरपी के  केंद्र पाकिस्तान टीवी चैनलों को बन्द करवाना चाहते हैं,वो पाक का फोन बन्द करना चाहते ताकि पाकिस्तान के मासूम लोग भारत में बैठे स्लीपर सेल वाले भाई साहब को फोन ना कर सके । टमाटर के लिए भटक रहे हमारे गरीब भाइयों के साथ आने वाले टाइम में अन्याय होने जा रहा है।

मोदी भक्त भी इसको सरकार की कामयाबी बताने में जुटे है,तस्वीरों और लम्बे चौड़े कैप्शनो से व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी अटी हुई है।

नही जी अब आप ही बताइए कि ये मोदी सरकार की कामयाबी कैसे है ?? इस मिसाइल को कौनसा मोदी ने बनाया है जो वो मीडिया के सामने आकर इसका गुणगान गा रहें है। आपने तो देखा ही होगा कि मीडिया के सामने इसकी घोषणा करने से पहले पीएम साहब राष्ट्र के नाम संदेश देने की बात कहकर एक ट्वीट करते हैं, जिसके बाद भक्त एक और नोटबन्दी और कुछ बड़ा होने की बात कहकर पूरे सोशल मीडिया को हिला देते हैं। मोदी को इंटरनेट फोबिया हो गया है वरना इतनी छोटी बात के लिए ट्वीट भला कौन करता है।

अब आप ही बताइए कि 1975 में इमरजेंसी लगाने से पहले और 1984 में सिक्खों को सरेआम काटने से पहले कांग्रेस ने कौनसा ट्वीट किया था ??? बड़े काम शांति से कैसे निपटते है,कांग्रेस इसका परफेक्ट एग्जाम्पल है। बीजेपी को उनसे कुछ सीखने की ज़रूरत है।

आप जरा तसल्ली से बैठकर सोचिएगा की मोदी सरकार ने डीआरडीओ से कहके ये मिसाइल तो छुड़वा दी पर इस दौरान मिसाइल से कितना धुंआ निकला होगा,कितना पॉल्युशन फैला होगा, क्या कभी किसी ने सोचा है ???  दिल्ली में वैसे ही दिवाली के बाद से प्रदूषण है ऊपर से अब इसका धुआं भी परेशान कर देगा।  20 रुपए की एक दर्जन आने वाली चूड़ियां तोड़ते हुए मैं अपने टाइम शो में कई बार बता चुका हूं की हिंदुओ के त्यौहारों और इन मिसाइलों से निकला धुंआ बहुत खतरनाक होता है इसलिए सरकार को इनके बारे में गम्भीरता से सोचना चहिए पर हां, नए साल पर जले पटाखे का धुआं वातावरण में सिर्फ सुंगध फैलाने का काम करता है इसलिए इस बात के व्यापक प्रचार प्रसार का काम भी सरकार को देखना चहिए।

नही जी आप ही बताइए अंतरिक्ष में जो ये सेटेलाइट नष्ठ हुई है अब अगर उसका कोई टुकड़ा टूटके किसी अल्पसंख्यक या दलित के ऊपर गिर गया होगा तो उन बेचारो का तो बहुत नुकसान हो जाएगा ना, देश में वैसे ही अल्पसंख्यक और दलितों पर अत्याचार की खबरे आप अक्सर भिंडिटीवी पर देखते ही रहते है ,ऊपर से मोदी सरकार अब अंतरिक्ष में भी मिसाइल विसाइल भेजकर आसमान से ही इनके खिलाफ साजिश रच रही है।

 हमारे एडिटर को कल के मिशन के बाद बुखार आ रहा है वरना स्क्रीन काली करने में मैं बिल्कुल देर ना करता। मेरे ये बात समझ नही आती की ये मोदी चैन से क्यों नही बैठते,खुद तो 20-21 घण्टे तक जागकर बस मोबाइल में पब्जी और रियल क्रिकेट गेम खेलते रहते है पर देश के वैज्ञानिकों को सोने भी नही देते। ये बहुत ग़लत है साहब।

अपने कोमल हाथों से पत्थर फेंकते मासूम कश्मीरियों को सेना के हाथों मिल रही खतरनाक डोज को रुकवाने के लिए मोदी कुछ नही कर रहे।

कुछ दिनों पहले गरीबो के नाम पर 12 हज़ार को 12 से गुणा कर 72 हज़ार आंसर लाने वाले दुनिया के प्रसिद्ध गणितज्ञ और कर्मठ,दयालु,संघर्षशील छवि के राहुल गांधी के उस काम को भी मोदी सरकार ने इग्नोर कर दिया जिसमे उन्होंने कैमरे के सामने देखते हुए लुटियन जॉन के पत्रकार का दो बार पसीना पौछा था।

मोदी सरकार इन सब बातों को भुलाकर बस मिसाइल भेजने जैसे खतरनाक कामो में जुटी हुई है जिससे देश को नुकसान है,बिकी हुई हिंदी मीडिया आपको इसके हज़ार फायदे बताएगी क्योकि उसकी हालत  गोलमाल पिच्चर के तुषार कपूर की तरह हो गई है जो मुँह तो खोलता है लेकिन बोल नही पाता।

मेरी बातो पर गौर कीजिएगा। अच्छा चलता हूं, कल फिर मुझे देखने आइयेगा।नमस्ते।