2019 में मोदी सरकार की वो स्कीम, जो आपके लिए है फायदेमंद

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नया साल शुरू हो गया है. जाहिर है आपके मन में इस साल कई नए काम करने के विचार आए होंगे। आप अपनी पुरानी खट्टे-मीठे यादों के साथ नए साल में प्रवेश कर चुके हैं . ये तो हो गयी हमारी बात, अब बात करेंगे सरकार की ऐसी योजनाओं पर जो सरकार ने बनाई तो जरुर है ,क्योकि उनका काम ही है योजना बनाने की लेकिन लोगों तक कम पहुच पाती है . कई बार ऐसा होता है की जो लोग गाव में रहते हैं उनतक तो स्कीम पहुच भी नहीं पाती , चलिए बात करते हैं सरकार के उन छोटी स्कीम की जिसके फाएदे काफी बड़े हैं .

इसमे सबसे पहले आता है आयुष्मान भारत , जो की एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है . मोदी सरकार की कोशिश यह है कि महिला, बच्चे और सीनियर सिटीजन को ABY में खास तौर पर शामिल किया जाय . साल 2008 में यूपीए सरकार द्वारा लांच राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को आयुष्मान भारत योजना में मिला दिया जायेगा. आयुष्मान भारत योजना में हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस मिलेगा .

फ्री एलइडी बल्ब स्कीम january 2015 में नरेन्द्र मोदी ने शुरू किया था . जल्द से जल्द भारत के हर घर में एलईडी बल्ब पहुँचाना है.जिससे बिजली की खपत कम होगी, और एनर्जी को अधिक से अधिक बचाया जा सकेगा . इस योजना में हर साल 9 करोड़ बल्ब बाँटें जायेंगें । इस योजना में जो बल्ब बाँटें जाते है उसमे अन्य बल्ब से 10 गुना रोशनी होती है . लेकिन हैरान करनी वाली बात ये है की आखिर बहुत परिवारों को इसके बारे में पता भी नहीं है . तो ज्यादा लाभ गरीब परिवार लाभ भी नहीं पा रहे .

राष्ट्रीय पेंशन योजना का प्रदर्शन पिछले कुछ सालों में अच्छा रहा है। सरकारी कर्मचारियों के साथ यह योजना सभी के लिए खुली है. भारतीय नागरिक और एनआरआई जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष है वह एनपीएस की सदस्यता ले सकते हैं। इस योजना के तहत आप इक्विटी कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में अपना पैसा लगा सकते हैं। इसका फायदा यह है कि आपको धारा 80 सीसीसीडी के तहत 50,000 रुपये का टैक्स छूट भी मिल जाएगी।

प्रधानमंत्री जनधन योजना , जन धन योजना वह योजना हे जिसमे कोई भी गरीब व्यक्ति इस्तमाल कर सकता हे और इसे उन गरीबो का पूरा ध्यान में रखकर शुरू किया गया है .इस योजना को लाने का मुख्य उदेश्य ये है कि जो व्यक्ति जिस रकम का हक़दार है उसे उतनी राशि मिले। ग्रामीण इलाकों में कोई व्यक्ति काम कर रहा है और उसे अपनी मजदूरी का 500 रुपये या 300 रुपये मिलना है उसे मिले।इसका खास मकसद ये है कि जितना रकम कागजों में दिखाया जाता है उतनी रकम अमुख व्यक्ति को मिले।

देखें विडियो : https://www.youtube.com/watch?v=kraZRX0jr5E&t=38s