मोदी सरकार के इस फैसले का 5 साल तक खामियाजा भुगतेगा चीन, चल रही है तैयारी !

कोरोना वायरस ने इस समय पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है. चीन के बुहान शहर से फैला ये वायरस धीरे धीरे पूरी दुनिया में फ़ैल गया हालाँकि चीन अभी तक इस बात को मानने को तैयार नहीं है कि खतरनाक वायरस वुहान की लैब से फैला है लेकिन अमेरिका के साथ तमाम देश यहू बात कह रहे हैं कि ये वुहान से ही फैला है. इस वायरस ने दुनियाभर के शक्तिशाली देशों को अपने सामने नतमस्तक कर दिया है.

जानकारी के लिए बता दें इस खतरनाक वायरस के चलते चीन की पूरी दुनिया में छवि बहुत खराब हो चुकी है. अमेरिका एक बार नहीं बल्कि कई बार चीन को धमकी देते हुए चेतावनी दे चुका है कि अगर ये वायरस चीन ने जानकर दुनिया में फैलाया है तो इसका अंजाम उसे भुगतना होगा. अमेरिका के साथ कई अन्य देशों ने भी चीन को अपने यहाँ हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए दावा तक ठोंक दिया. इसी बीच अब एक बड़ी खबर भारत से आ रही है.

मोदी सरकार ने अगर एक फैसला ले लिया तो भारत सरकार के इस फैसले का चीन को 5 साल तक खामियाजा भुगतना पड़ेगा. दरअसल मोदी सरकार घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए चीन से इम्पोर्ट होने वाले 25 आइटम्स पर एंटी डंपिंग ड्यूटी बढ़ा सकती है. जी हाँ इस साल कैलकुलेटर और USB से लेकर स्टील, सोलर सेल के साथ 2 दर्जन से अधिक चीजों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी समाप्त हो रही है. ऐसे में सरकार चीन को बड़ा झटका देते हुए इन आइटम्स पर ड्यूटी बढ़ाने का फैसला कर सकती है.

गौरतलब है कि एंटी डंपिंग ड्यूटी खत्म होने पर घरेलू बाजार में चाइनीज आइटम्स की बाढ़ आ जौएगी और घरेलू कंपनियों का बिजनेस खतरे में पड़ सकता है. मोदी सरकार घरेलू कंपनियों को बचाने के लिए चीनी सामानों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी 5 साल के लिए बढ़ा सकती है जिससे चीन को बड़ा झटका लग सकता है. मोदी सरकार के इस फैसले का खामियाजा फिर चीन को पूरे 5 साल तक के लिए उठाना पड़ेगा.