इन कारणों से लोगों ने माना मोदी को दुनिया का सबसे प्रभावशाली नेता

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शुरुआत में जब कोरो’ना वायरस का क’हर मोटे तौर पर चीन तक केंद्रित था तभी भारत ने तमाम तरह की तैयारियां कर ली थी. दुनिया जब तक कोरो’ना वायरस की गंभीरता को समझती या विश्व स्वास्थ्य संगठन जब तक दुनिया को चेताता उससे पहले ही भारत ने कई तरह के एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे. इन सबके बीच जब अमेरिका डेटा रिसर्च कंपनी मोर्निंग कंसल्ट ने कोरो’ना सं’कट बीच दुनिया के 10 टॉप नेताओं को लेकर तुलनात्मक अध्ययन किया हैं.

अमेरिकी रिसर्च कंपनी ने अपनी स्टडी में भारत के पीएम मोदी को दुनिया का सबसे प्रभावशाली नेता बताया गया है. रिसर्च में यह पता करने की कोशिश की गई है कि कोविड-19 के खिलाफ जं’ग में कौन से देश और उनके नेता किस तरह का काम कर रहे हैं. इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन भी भारत की तारीफ भी कर चुके हैं.

पीएम मोदी ने कोरो’ना वायरस को लेकर शुरू से अपनी कमर कस ली थी. फिर बात चाहे एयरपोर्ट्स पर विदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग की हो या उन्हें अनिवार्य आइसोलेशन में भेजे जाने की पहल की हो, भारत ने सबसे पहले ये कदम उठाए इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों पर पूरी तरह रोक लगाने जैसे साहसिक कदम उठाने के साथ-साथ देशव्यापी लॉकडाउन का सख्त फैसला लिया. इस तरह भारत ने कोरो’ना वायरस से निपटने में दुनिया को राह दिखाई.

कोरो’ना वायरस जैसे ही धीरे-धीरे दुनिया को अपनी गिर’फ्त में लेने की शुरुआत की, पीएम मोदी ने सबसे पहले क्षेत्रीय स्तर पर पहल कर साउथ एशियन असोसिएशन फॉर रिजनल को-ऑपरेशन यानी SAARC राष्ट्राध्यक्षों के साथ वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा की. सार्क के लिए कोविड-19 इमर्जेंसी फंड बनाने और उसमें भारत की तरफ से मदद का ऐलान किया. इसके अलावा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं जिन्होंने जी-20 देशों की वीडियोकॉन्फ्रेंसिग की पहल कर वायरस के खि’लाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया. पीएम की इस पहल की दुनियाभर के तमाम नेताओं ने खुलकर तारीफ की.

कोरो’ना वायरस संकट से  खुद भारत जूझ रहा हैं उसके बावजूद भी आज भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की भारतीय संस्कृति को जिंदा रखा. भारत ने दुनिया के 55 से ज्यादा देशों को कोरो’ना वायरस के खि’लाफ कारगर मानी जा रही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और पैरासेटमॉल दवाइयां भेजीं. जिसको कई देशों के राष्ट्राअध्यक्ष ने फ़ोन कर के मोदी से दवाई भेजने को कहा था. मोदी ने देश के अलावा भी सबका ध्यान रखते हैं और उन्होंने बाकि देशों को भी दवा भिजवाई हैं. पड़ोसी देशों को एकजुट करने के साथ-साथ संकट की इस घड़ी में उनकी मदद में भारत आगे रहा है. आज यही वजह की भारत और भारत के प्रधानमंत्री की पूरे विश्व में आज तूती बोल रही हैं और वो कहते हैं न कि उगते हुए सूरज को सभी सलाम करते हैं.