कोरोना पर डेटा छुपाने को लेकर ममता की हुई किरकिरी,स्वास्थ्य सचिव को लेकर किया ये बड़ा फैसला

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ममता बनर्जी और केंद्र के बीच शीत यु’द्ध बंद होने का नाम नहीं ले रहा हैं. कोरोना काल में भी ममता अपनी हरकत से बाज नहीं आ रही हैं. कोरोना वायरस को लेकर ममता सरकार कुछ भी सच बताने को तैयार नहीं हैं. कुछ दिन पहले बंगाल के अंदर 72 लोगों की मौ’त हो गई. जिसको लेकर ममता सरकार ने कुछ भी बताना जरूरी नही समझा. केंद्र के हर फैसले का विरो’ध करना ममता की फि’तरत होती जा रही है.

कोरोना का’ल में सही आंकड़े न बताना ही एक गु’नाह है और ममता खुद ऐसे काम करती हैं की हंसी के पात्र बन जाती हैं.  कोरोना संक’ट में आंकड़े छुपाने को लेकर ममता ने  बंगाल के स्वास्थ्य सचिव विवेक कुमार को हटा दिया है और उन्हें पर्यावरण विभाग भेजा दिया गया है. दरअसल, कोरोना को लेकर ममता सरकार पर कई आ’रोप लग रहे हैं. इन सबको देखने के बाद ममता सरकार पर डेटा छिपाने की तोह’मत कई बार लगाईं जा चुकी है. शायद इसी को देखने के बाद ममता ने ये फैसला लिया हैं.

बंगाल मे नए स्वास्थ्य सचिव का कार्यभार नारायण स्वरूप को दिया गया है. अब देखना ये है की क्या इनके आने के बाद बंगाल के अंदर कोरोना कण्ट्रोल होगा या नहीं. क्योकि ये तो शायद नाम के स्वास्थ्य सचिव है काम तो इनको भी ममता के अंडर ही करना है. ममता सरकार ने कोई भी डेटा कोरोना को लेकर सही नहीं बताया हैं. जिसकी वजह से उनकी काफी किरकिरी हुई है.आपको बता दें की केंद्र द्वारा भेजी गई टीम ने लिखे पात्र में बताया था कि बंगाल के अंदर म्र’त्युदर 12.8 है जो किसी भी राज्य से ज्यादा है. इसे यही बात निकल कर सामने आती है की ममता सरकार ने कोरोना पर कोई ध्यान नहीं दिया सिर्फ लापरवाही कर रही है और यही वजह है कि वो डेटा सही नहीं बता रही है.