“मैंने उसके साथ कोम्प्रोमाइज़ नहीं किया, तो उसने मुझे मार दिया”

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“मैं तुम्हे हीरोइन बना दूंगा, मुझसे दोस्ती कर लो”

“तुम्हारे अन्दर स्टार बनने के सारे गुण हैं.. बस कोम्प्रोमाइज करलो”

“मुंबई में तो यह सब आम होता है.. हर हीरोइन का हर डायरेक्टर से रिलेशन होता है”

“तुम बहुत कन्सरवेटिव हो.. ओपन हो जाओ.. बहुत आगे जाओगी”

ये कुछ ऐसा मुफ्त का ज्ञान है जो अक्सर हर उस लड़की को मिलता रहता है जो एक्ट्रेस बनना चाहती है, मॉडलिंग करना चाहती है. और एक्टिंग, मॉडलिंग ही नहीं.. हर उस लड़की को जो महत्वाकांक्षी है घर से बाहर निकलकर अपने दम पर कुछ करना चाहती है.. उसे इसी नज़र से देखा जाता है.. जैसे वो बिकने के लिए तैयार है.

लडकी फोटोग्राफर के पास गई तो थोड़े कपडे और उतार लो.. डायरेक्टर के पास गई तो मेरे साथ सो जाओ.. मना करती है.. तो उसे बरगलाया जाता है.. काम नहीं दिया जाता, उसके हौंसले को चकनाचूर कर दिया जाता है.. कभी आँखों से उसका बलात्कार होता है.. कभी बातों से.. कभी मानसिक.. कभी शारीरिक..  और कभी कभी उसे जान से ही मार दिया जाता है.

ऐसा ही हुआ एक 20 साल की होनहार मॉडल मानसी दिक्षित के साथ.. वो मॉडल बनना चाहती थी.. मगर वो सपनों की उड़ान भर पाती उससे पहले ही उसके पंखों को काट दिया गया.. उसकी ज़िन्दगी छीन ली गई.. उसका क़त्ल कर दिया गया.. सिर्फ इसलिए क्यूंकि उसने फोटोग्राफर के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मना कर दिया.. यह फोटोग्राफर है.. स्येद मुज़म्मिल जिसने बेरहमी से मानसी की हत्या कर दी क्यूंकि उसने उसके साथ सेक्स करने के लिया मना कर दिया.

स्येद मुज़म्मिल जिसकी उम्र मात्र 19 साल है.. मगर फरेबी बहुत बड़ा.

स्येद मुज़म्मिल कुछ दिन पहले मानसी से मिला और देखते ही पागल हो गया.. उसको फ़साने के जतन करने लगा.. उसको झांसे देने लगा.. और फिर एक दिन उसे झूठे फोटोशूट के बहाने अपने फ्लैट में बुला लिया.. 20 साल की भोली मानसी सय्यद मुज़म्मिल की बातों में आ गई.. और जब वो उसके फ्लैट में पहुँची तो सय्यद उससे जबरदस्ती करने लगा.. मानसी मना करती रही और खुद को बचाती रही.. उसने अपनी आबरू तो बचा ली.. मगर जान नहीं बचा सकी.. सय्यद जब अपनी कोशिशों में नाकाम रहा तो उसने वहीं पास में पड़ा स्टूल उठाया और मानसी के सिर पर दे मारा और मानसी फर्श पर गिर गई.. वो छटपटाई जान की भीख माँगी.. मगर सय्यद नहीं माना और ज़ख़्मी हालत में पडी मानसी के साथ फिर जबरदस्ती करी.. फिर उसका बलात्कार करने की कोशिश की.. ज़ख़्मी मानसी खुद को बचा ना सकी और लड़ते लड़ते अपनी जान दे दी.

स्य्येद मुज्ज़म्मिल की दरिन्दगी की गवाही मानसी के बेजान शरीर का हर हिस्सा दे रहा था.

शातिर सय्यद ने फिर मानसी के गले को रस्सी के फंदे से बाँध उसे तड़पा तड़पा कर मार डाला.

मुज्ज़म्मिल ने फिर मानसी के मृत शरीर को बैग में डाला और कैब बुक की.. जब कैब ड्राईवर ने उससे पूछा बैग इतना भारी क्यूँ है तो शातिर मुजममिल ने वो कैब कैंसिल कर दी और फिर एअरपोर्ट जाने के लिए दूसरी कैब बुक की.. लेकिन कैब में बैठ थोड़ी दूर जाकर उसने अपनी लोकेशन चेंज की.. फिर कैब से उतारकर बैग फूटपाथ पर ही छोड़ दिया.. और खुद ऑटोरिक्शा में चला गया.. कैब ड्राईवर को यह देख शक हुआ और उसने पुलिस को जानकारी दी.. बाद में पुलिस ने मुज़म्मिल को ट्रैक कर उसे उसके ओशिवारा अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया.. पुलिस ने जब मुज्ज़मिल के परिवार से बात की तो उन्होंने बताया वो हैदराबाद से मुंबई अपने एक बीमार रिश्तेदार से मिलने आया था.. लेकिन मुज्ज़म्मिल के दिमाग में एक घिनोना षड़यंत्र चल रहा था.. मानसी के अलावा उसने दो और लड़कियों को फोटोशूट के लिए एप्रोच किया था.. पोलिस ने उनके बयान भी रिकॉर्ड कर लिए

दुर्भाग्य से मानसी बच नहीं पाई.. और स्य्येद मुज्ज़म्मिल के घटिया मंसूबों का शिकार बन गई.. मुज्ज़म्मिल अब सलाखों के पीछे है.

यह घटना आज हम आपको इसलिए सुना रहे हैं क्यूंकि अक्सर कम उम्र की लड़कियां कुछ कर गुजरने के जोश में.. ऐसे घटिया लोगों का शिकार बन जाती हैं.. “मीटू कैंपेन” में हमने ऐसे बहुत से किस्से सुने जिनमे लड़कियों को शारीरिक शोषण का शिकार बनना पड़ा. मैं खुद एक लड़की हूँ और चाहूंगी कि आप इन घटनाओं से सबक ले..

किसी पर भी भरोसा करने से पहले उसकी अच्छे से जांच पड़ताल करे..

काम देने के बहाने कोई आपको मिलने बुला रहा है, तो उससे किसी पब्लिक प्लेस पर ही मिले.. कोशिश करें कि अकेले ना जाये.. और उसके घर तो बिलकुल भी नहीं.

लड़कियों के साथ ऐसे हादसे होते रहे हैं और होते रहेंगे.. लेकिन आप अपनी तरफ से सतर्क रहिये.. मुज़म्मिल जैसे लड़के जो कुछ भी नहीं हैं.. उनकी बातों में ना आये.

अपनी काबिलियत पर भरोसा रखे.. गली गली में मिलने वाले काम देने वाले  लोगों पर नहीं.

बेशक अपने सपनों की मंजिल तक पहुँचने का रास्ता लम्बा होगा.. पर यकीन मानिये बहुत खुशनुमा होगा. बॉलीवुड की हीरोइन बने या ना बने पर अपनी ज़िन्दगी की कहानी में हीरोइन बने रहेंगी.. विक्टिम नहीं.

ज़िन्दगी आपकी है तो शर्तें भी आपकी होंगी… तो हीरोइन की तरह लड़िये और जीतिए मगर किसी की शर्तों के आगे झुकिए नहीं.