पटना के बाढ़ में मॉडल ने कराया फोटोशूट तो भड़क गए समाज के ठेकेदार

2441

5 दिनों की लगातार मुसलाधार बारिश से डूबी बिहार की राजधानी पटना की सड़कों की तस्वीरों के बीच अचानक से सोशल मीडिया पर एक और तस्वीर वायरल होती है. इस तस्वीर में लाल रंग का गाउन पहले एक लड़की पानी से लबालब सडक पर फोटोशूट कराती नज़र आ रही है. इस तस्वीर से समाज और मानवता के कुछ ठेकेदारों की भौंहें चढ़ जाती है. तस्वीर पर कुछ इस तरह के कमेंट्स की बाढ़ आती है. ये तो चिता के साथ सेल्फी लेने जैसा है. मज़े लेने के लिए लाशों पर मंडराते गीदड़ जैसा है. आज मानवता शर्मसार हो गई. वगैरह वगैरह.

इस तस्वीर में जो मॉडल है उसका नाम है अदिति सिंह. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी, पटना की छात्रा है और मॉडलिंग भी करती है. चूँकि इस तस्वीर में ऐसा कुछ भी नहीं है जो वाहियात हो लेकिन लोगों को आदत है हर चीज पर ट्रोल कर देने की. सो लोग कूद पड़े. लोग तो नाव पर बैठ कर रिपोर्टिंग करते पत्रकार को भी ट्रोल कर देते हैं और सुर्खियाँ बटोरने का हथकंडा बता देते हैं.

फोटोग्राफर सौरभ अनुराज के फेसबुक वाल से ली गई तस्वीर

कितना आसान होता है न कमरे में बैठ कर ट्विटर चलाते हुए सुदूर क्षेत्रों में बाढ़ की त्रासदी दिखाते रिपोर्टर को ट्रोल कर देना. कितना आसान होता है न दिल्ली और लखनऊ में बैठ कर पटना की बाढ़ से लबालब सड़कों पर फोटोशूट के जरिये देश का ध्यान बिहार की त्रासदी की ओर आकर्षित करते लोगों को ट्रोल कर देनउन्हें बेशर्म कह देना.

अगर ये फोटोशूट मुंबई की किसी मॉडल ने बारिश के पानी से लबालब भरे सड़कों पर किया होता तो उसे स्प्रिट ऑफ़ मुंबई कहा जाता लेकिन पटना की एक लड़की ने किया है तो वो चीप है, बेशर्मी है और चिता पर रोटी सेंकना हो गया. बड़े शहर में इस तरह का फोटोशूट किया जाए तो वो आर्ट है और पटना जैसे छोटे शहरों में किया जाते तो पब्लिसिटी स्टंट हो गया. मुंबई या केरल में बाढ़ आये तो हाय बाढ़- हाय बाढ़ की रट लगा देना और बिहार में बाढ़ आये तो हर साल आती है, नया क्या है कह कर खिल्ली उड़ा देना फैशन हो गया है.

Mermaid in disaster.!! Shot during the flood like situation in PatnaNikon D750 with 50mm 1.4In frame – Aditi…

Posted by Saurav Anuraj on Saturday, September 28, 2019

ये तस्वीर बाढ़ की विभीषिका झेलते एक पिछड़े राज्य की जिंदादिली की प्रतीक बन सकती थी लेकिन इसे बेशर्मी का प्रतीक बनाने की घटिया कोशिश की गई. सरकार / व्यवस्था और खुद से सवाल पूछने की बजाये लोगों ने फोटोशूट पर सवाल उठा दिया.

इस फोटोशूट को करने वाले फोटोग्राफर सौरभ ने इन्स्टाग्राम पर लिखा कि ये फोटोशूट इसलिए किया गया ताकि लोगों को पता चले बिहार में क्या हो रहा है. उनका कहना है कि ये हमारा तरीका है चीजों को दुनिया के सामने लाने का. लोग आलोचना करें या कुछ भी कहें. लेकिन जिस मकसद से ये फोटोशूट किया गया था वो मकसद सफल रहा. सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हुई और तस्वीरों के साथ बिहार का बाढ़ भी चर्चा में आया. इस फोटोशूट को सो चीप कहने वाले इलीट क्लास को कम से कम पता तो चला कि बिहार भी इसी देश का हिस्सा है और वहां भी इंसान रहते हैं.