जानिए कितनी होती है सांसदों और विधायकों की सैलरी, जिससे वो करेंगे कोरोना के चलते मदद

कोरोना के चलते पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. भारत में सरकार इस महामारी से बचने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है जिससे लोगों को सी बीमारी से बचाया जा सके. कोरोना के चलते पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है और साथ ही लोगों से सरकारें लगातार अपील कर रही हैं कि वह अपने घरों में रहें और आसपास के लोगों से दूरी बनाकर रखें. इसके बावजूद भी हालात हर दिन बिगड़ते जा रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना के चलते पीएम मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वह pmcares में अपनी क्षमता अनुसार दान दें जिससे इस महामारी से लड़ा जा सके. पीएम मोदी के आग्रह के बाद देशभर के अलग-अलग हिस्सों के लोगों ने जमकर पीएम केयर में फंड दिया. वहीं सरकार ने इस महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सभी सांसदों की सैलरी में 30 प्रतिशत काटने की भी बात कही है. तो ऐसे में बहुत से लोगों के मन में एक सवाल होगा कि आखिर इन लोगों की सैलरी होतो कितनी है? तो चलिए आज हम आपको बताते हैं..

प्रधानमंत्री की बेसिक सैलरी 50000 रूपये प्रतिमाह होती है. साथ में उन्हें खर्चे के लिए 3000 रूपये प्रतिमाह भत्ते के तौर पर दिए जाते हैं. इसी के साथ पीएम को प्रतिदिन भी भत्ता मिलता है जोकि 2000 रूपये होता है. कुल मिलाकर उन्हें महीने में 62000 रूपये मिल जाते हैं इसके अलावा 45000 रूपये का चुनाव क्षेत्र भत्ता भी मिलता है. वहीं हम सांसदों की सैलरी की बात करें तो अलाउंस एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1954 के तहत किया गया है. जिसके अनुसार एमपी को 100000 रूपये की बेसिक सैलरी और 450000 रूपये का चुनाव क्षेत्र भत्ता मिलता है.

साल 2018 की शुरुआत तक सांसदों की बेसिक सैलरी 50000 रूपये हुआ करती थी. वहीं हम विधायकों की बात करें तो तेलंगाना ऐसा राज्य है जहाँ विधायकों को सबसे ज्यादा सैलरी दी जाती है. तेलंगाना में विधायकों की सैलरी 2.5 लाख प्रति माह है. वहीं दिल्ली के विधायकों की सैलरी 2.1 लाख है. उत्तरप्रदेश के विधायकों की सैलरी 1.87 लाख रूपये प्रतिमाह है.उत्तराखंड में विधायकों को 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह तो महाराष्ट्र में 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह और जम्मू-कश्मीर के विधायकों की सैलरी 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह होती है. सबसे कम सैलरी त्रिपुरा के विधायकों को मिलती है जोकि 34 हजार है.