देश भर में इस समय CAA, NRC और एनपीआर को लेकर वि-रोध प्र-दर्शन चल रहे हैं. सरकार अपना रुख साफ़ कर चुकी है कि इस कानून को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है. इसके बावजूद भी लोग वि-रोध करना बंद नहीं कर रहे हैं. केंद्र सरकार कई बार ये भी साफ़ कर चुकी है कि CAA से किसी की भी ना-गरिकता नही जाएगी, ये कानून नागरिकता देने के लिए लाया गया है. लोग इस भ्रम से दूर रहे हैं कि इस कानून से उनकी ना-गरिकता चली जाएगी.

जानकारी के लिए बता दें केंद्र सरकार लगातार CAA को लेकर हुए वि-रोध प्रदर्शन के लिए वि-पक्षी दलों को जिम्मेदार ठहरा रही है और कही रही है कि ये लोगों में CAA को लेकर भ्र-म फैला रहे हैं और उ-कसा रहे हैं. वहीं सरकार एनपीआर यानी राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर फॉर्म से विवादास्पद प्रश्नों को छोड़ने के लिए अनिच्छुक. कई दलों द्वारा कहा जा रहा है कि सरकार कुछ प्रश्नों को इससे हटा दे, जिसके जवाब में गृह मंत्रालय ने संसदीय स्थायी समिति को बताया था कि ये प्रश्न अतीत में पूछे गये हे ये बैक-एंड डेटा प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक हैं.

गृह मंत्रालय ने गुरूवार को कहा है कि जनगणना को लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं. बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल से यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. मंत्रालय के एक वक्तव्य ने कहा है कि “जनगणना और एनपीआर अद्यतन की तैयारियां पूरे जोरों पर हैं और प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू कर दी जाएगी।” उन्होंने कागे कहा है कि जनगणना के लिए मकानों की सूची बनाने का चरण एक अप्रैल से 30 सितंबर तक पूरे देश में चलेगा.

गौरतलब है कि कई राज्यों ने एनपीआर को लेकर माता-पिता की जन्म तिथि और स्थान के बारे में सवाल पूछने को लेकर आपत्ति उठाई थी और इस सवाल को हटाने के लिए कहा था. अब इस सवाल को लेकर गृह मंत्रालय ने अपना रुख साफ़ करते हुए 2 टूक कहा है कि NPR 2020 में माता-पिता की जन्म तिथि और जन्मस्थान बताना ही होगा. वहीं ऐसे माता-पिता जो जनगणना के समय कहीं और रह रहे थे या वो इस दुनिया में नहीं थे तो उनके सिर्फ नाम लिए जायेंगे. उन्होंने कहा है इससे बैक एंड देता प्रोसेसिंग और मजबूत होगा और सभी हाउसहोल्ड से जन्म तिथि और स्थान का डेटा अधिक व्यापक तरीके से एनपीआर 2020 में एकत्र किया जा रहा है.