इधर जितिन प्रसाद ने कांग्रेस ने तोड़ा नाता उधर एक और युवा नेता ने बीजेपी सरकार की तारीफ़ कर बढ़ा दी कांग्रेस की टेंशन

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मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया, गुजरात में अल्पेश ठाकोर, उत्तर प्रदेश में जितिन प्रसाद, एक एक कर युवा नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी से किनारा कर गए. एक वक़्त इन तीनों ही नेताओं को इन राज्यों में कांग्रेस के बड़े चेहरे के रूप में देखा जा रहा था. लेकिन गाँधी परिवार की छत्रछाया में पल रही पार्टी में ये युवा नेता अपना और अपनी पार्टी का कोई भविष्य शायद नहीं देख पा रहे थे, इसलिए उन्होंने पार्टी को अलविदा कहने में ही अपनी भलाई समझी. जितिन प्रसाद तो उस G 23 ग्रुप में शमिल थे जो पार्टी को बचाने के लिए लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे. लेकिन क्या ये लिस्ट सिंधिया, ठाकोर और प्रसाद के बाद थम जायेगी. ऐसा तो नहीं लगता. क्योंकि जितिन प्रसाद के पार्टी छोड़ते ही ट्विटर पर सचिन पायलट ट्रेंड करने लगे और मिलिंद देवड़ा को लेकर भी कई अटकलें लगने लगी.

ज्योतिरादित्य सिंधिया, अल्पेश ठाकोर और जितिन प्रसाद की तरह ही राजस्थान में सचिन पायलट और महाराष्ट्र में मिलिंद देवड़ा कांग्रेस का युवा चेहरा माने जाने हैं. 2020 में सचिन पायलट की नाराजगी ने किस तरह से कांग्रेस में हड़कंप मचाया तह और किस तरह से कांग्रेस अपनी सरकार बचा पाई थी ये सबने देखा था. सचिन पायलट भले ही उस वक़्त कांग्रेस में रुक गए हों लेकिन उन्होंने इसके लिए अपमान का कितना घूँट पीया ये वही जानते हैं. ऊपर ऊपर से भले ही पायलट और गहलोत के बीच सब कुछ ठीक ठीक सा लगे. लेकिन अन्दर ही अन्दर पायलट की नाराजगी का लावा अब भी सुलग रहा है. कितनी देर तक ये लावा दबा रहेगा ये देखने वाली बात है.

बात करें महाराष्ट्र की तो मिलिंद देवड़ा लम्बे वक्त से कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते रहे हैं. उन्होंने गुजरात सरकार के कामकाज की तारीफ कर कांग्रेस की चिंता और बढ़ा दी है. कोरोना महामारी की वजह से पिछले एक साल से गुजरात में होटल इंडस्‍ट्री, रेस्‍टोरेंट, रिजार्ट और वॉटर पार्क बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. आर्थिक नुकसान को देखते हुए मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने उनका पिछले एक साल का प्रॉपर्टी टैक्‍स और बिजली बिल माफ करने का फैसला लिया है. मिलिंद देवड़ा गुजरात की भाजपा सरकार के इस फैसले से काफी प्रभावित हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘दूसरे राज्‍यों के अनुकरण के लिए एक स्वागत योग्य कदम. यदि हम भारत के आतिथ्य क्षेत्र में और नौकरियों के नुकसान को रोकना चाहते हैं तो सभी राज्यों को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए.’

जितिन प्रसाद के बीजेपी में जाने पर मिलिंद देवड़ा ने लिखा है- ‘मेरा मानना है कि कांग्रेस को अपनी पुरानी स्थिति पाने के लिए प्रयास करना चाहिए. देश की बड़ी पार्टी के तौर पर वह यह कर सकती है और करना ही चाहिए. हमारे पास अब भी ऐसे नेता हैं जिन्हें अगर सशक्त किया जाए और बेहतरीन ढंग से इस्तेमाल किया जाए तो वे नतीजे दे सकते हैं. मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि काश मेरे कई मित्रों, सम्मानित साथियों और मूल्यवान सहयोगियों ने हमारा साथ नहीं छोड़ा होता.’