इन बैंकों में जिनका अकाउंट है वो ग्राहक हो जाएँ चौकन्ने,बदल सकता है अकाउंट नंबर, जानिए क्या है वजह ?

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देश में केंद्र सरकार ने बैंकों का विलय करना शुरू कर दिया है. मतलब ये हुआ कि सरकार छोटे बैंकों का विलय बड़े बैंकों में करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया हैं. अब सरकार अध्यादेश को मंजूरी दें सकती है. अगर सरकार इस अध्यादेश को मंजूरी दे सकती हैं तो कई बैंकों का विलय होना तय माना जा रहा हैं.

अगर मंजूरी मिल गई तो लगभग 10 बैंकों का विलय 4 बैंकों में कर दिया जाएगा. इसके बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी. बैंकों का विलय होने पर सबसे ज्यादा परेशानी ग्राहकों को होगी. उसका कारण है कि खाताधारकों के बैंक अकाउंट नंबर से लेकर IFSC कोड तक बदल जायेगा.

ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ‘10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय पिछले दो महीनों से बिना किसी नाराज़गी के सुचारू रूप से काम कर रहा है, इससे कर्मचारियों की नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ रहा है’.आपको बता दें कि बैंकों का विलय पिछले साल अगस्त महीने से चल रहा हैं. पिछले साल अगस्त में सरकार ने 10 बैंकों का विलय करने का ऐलान किया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया जाएगा. केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय और इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय होगा. यूनियन बैंक के साथ आंध्रा बैंक और कारपोरेशन बैंक का विलय किया जाएगा.

बैंकों के विलय के बाद या देश में कुलमिलाकर सार्वजनिक चेत्र में केवल भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यूको बैंक रह जाएंगे.
बैंकों को लेकर ग्राहकों पर असर पड़ता हुआ नजर आ रहा हैं. ग्राहकों को बैंकों के विलय होने के बाद उनको नया कस्टमर आईड और बैंक का नया अकाउंट नंबर मिल सकता हैं. जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या IFSC कोड मिलेंगे, उन्हें बैंक के नए डिटेल्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) आदि में अपडेट करवाने होंगे. ग्राहकों को नई चेक बुक,डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड भी इशू हो सकता हैं. बैंकों के विलय के बाद ग्राहकों कोकुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता हैं.