मेहुल चौकसी ने छोड़ी भारतीय नागरिकता, भारत प्रत्यर्पण से की बचने की कोशिश

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भारत सरकार काफी लंबे वक्त से उन लोगों को वापस देश लाने की कोशिश कर रही है जो देश का हजारों करोड़ो का चुना लगाकर विदेश भाग गए है….लेकिन सरकार के इन्हीं कोशिशों पर मेहुल चौकसी ने पानी फेर दिया हैं. करीब 13 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक मेहुल चौकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। चोकसी ने अपने भारतीय पासपोर्ट को सरेंडर कर दिया है। ऐसे में अब सरकार के लिए चौकसी को भारत वापस लाना मुश्‍किल हो जाएगा।

चौकसी ने वहां स्थित भारतीय उच्चायोग में 177 डॉलर की राशि भी जमा करवाई है। ऐसा माना जा रहा है कि चौकसी ने भारत प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश में नागरिकता छोड़ी है। उसने अपना नया पता जॉली हार्बर मार्क्स, एंटीगुआ लिखवाया है।

पीएनबी घोटाले के बाद हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी देश छोड़कर फरार हो गए थे. मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई की टीम ने अब-तक उनकी लगभग पांच हजार करोड़ की चल-अचल संपत्ति को जब्‍त किया है. चोकसी और मोदी के खिलाफ आर्थिक भगोड़ा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.

मेहुल चोकसी के इस कदम के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह का बयान सामने आया है उन्होंने कहा की हम ऐसे भगोड़ो को वापस जरूर लाएंगे,” सरकार ने ऐसे अपराधियों के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी पारित किया है, जो देश छोड़कर भाग गए हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा, उन्होंने कहा कि न केवल मेहुल चौकसी बल्कि जितने भी आर्थिक अपराधी विदेशों में छुपे बैठे हैं उनका प्रत्यपर्ण होकर रहेगा. भारत सरकार आर्थिक अपराधियों के प्रत्यपर्ण के लिए तैयारियां कर रही हैं. नागरिकता छोड़ने मात्र से इसमें कोई बच नहीं सकता है. हां, उन्हें वापस लाने में थोड़ा वक्त जरूर लग सकता है,

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम क्या है ?

ये एक नया कानून है और काफी सख्त भी….

इस कानून के तहत दर्ज अपराधी की सारी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार है….

आर्थिक अपराध में जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो उन पर कार्रवाई का प्रावधान है….

100 करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई की जा सकती है….

इस कानून के अनुसार जो व्यक्ति अपराध करने के बाद देश छोड़ गया हो और जांच के लिए कोर्ट में हाजिर न हो रहा हो, जिसके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी हो चुका हो लेकिन विदेश भागने के कारण वह हाजिर न हो रहा हो, उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी ठहराया जा सकता है….

भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियां बेचकर भी कर्ज देने वालों की भरपाई का प्रावधान है….