बस पॉलिटिक्स को लेकर मायावती ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी, कहा ‘कंगाली, घिनौनी…’

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उत्तर प्रदेश सरकार और कांग्रेस के बीच बस पॉलिटिक्स ने काफी तूल पकड़ रखा हैं. जिसमे प्रियंका गाँधी वाड्रा ने योगी सरकार से कहा था कि हम 1000 बसे इस कोरोना वायरस के सं’कट में यूपी सरकार को देंगे ताकि वो मजदूरों को वापस उनके घर ला सके. लेकिन सबके बीच बस तो नही दी कांग्रेस ने ऑटो और बाइक जरुर दे दी.

लेकिन इन सबके बीच अब बसपा प्रमुख मायावती भी कूद पड़ी हैं और उन्होंने बीजेपी का पक्ष लेते हुए कांग्रेस को आड़े हांथो लिया हैं. बस पॉलिटिक्स को लेकर सियासत गरमाती हुए नजर आ रही हैं. उत्तर प्रदेश कि पुव मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर के कांग्रेस पर जमकर ह’मला बोला है.


मायावती ने राजस्थान सरकार पर घि’नौनी राजनीति करने का आ’रोप लगाया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘राजस्थान की कांग्रेसी सरकार द्वारा कोटा से करीब 12000 युवक -युवतियों को वापस उनके घर भेजने पर हुए खर्च के रूप में यूपी सरकार से 36.36 लाख रुपये और देने की जो मांग की है. वह उसकी कंगाली और अमानवीयता को प्रदर्शित करता है. दो पड़ोसी राज्यों के बीच ऐसी घिनौ’नी राजनीति अति-दुखःद है.’

मायावती अभी यहीं नहीं रुकी उन्होंने एक और ट्वीट कर के कांग्रेस को ख’री खो’टी सुनाई है. उन्होंने कांग्रेस के कृ’त्य को अमा’नवीय बताया है. उन्होंने लिखा, ‘कांग्रेसी राजस्थान सरकार एक तरफ कोटा से यूपी के छात्रों को अपनी कुछ बसों से वापस भेजने के लिए मनमाना किराया वसूल रही है. तो दूसरी तरफ अब प्रवासी मजदूरों को यूपी में उनके घर भेजने के लिए बसों की बात करके जो राजनीतिक खेल खेल कर रही है यह कितना उचित और कितना मानवीय?’

इससे पहले भी मायावती ने कांग्रेस पर निशा’ना साधा था और कहा था कि अगर कांग्रेस को मजदूरों की इतनी चिंता हैं. तो वो मजदूरों को ट्रेन से भजे. लेकिन सच ये है कि कांग्रेस को सिर्फ राजनीति करनी होती हैं फिर चाहे वो विप’दा का समय ही क्यों न हो कांग्रेस को उससे मतलब नहीं है. उसका एक ही उदेश्य है कि देश में बस अपनी राजनितिक रोटियां सेकनी हैं.