CAA पर बसपा सुप्रीमों मायावती का बड़ा बयान, कहा ‘पाकिस्तानी मुसलमानों को …’

CAA को लेकर सभी पार्टियाँ मुस्लिम वोटबैंक को साधने की कोशिश कर रही हैं और खुद को उनका सच्चा हमदर्द साबित करने की कोशिश कर रही हैं. अब इस विवाद में बसपा सुप्रीमों मायावती भी कूद पड़ी हैं. उन्हें लगा रहा था कि जिस तरह से भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर खुल कर CAA का विरोध कर रहे हैं और मुसलमानों के साथ खड़े हो रहे हैं उससे मायावती के वोटबैंक को नुकसान पहुँच रहा है इसलिए अब मायावती ने खुल कर ऐसी मांग कर दी है जिससे मुस्लिम वोटबैंक को खुश कर सकें.

मायावती ने मांग की है कि पाकिस्तानी मुसलमानों को भी भारत की नागरिकता मिलनी चाहिए. इसके लिए उन्होंने गायक अदनान सामी को भारत की नागरिकता और पद्मश्री अवार्ड दिए जाने का तर्क दिया. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तानी मूल के गायक को नागरिकता और सम्मान मिल सकता है तो पाकिस्तानी मुसलमानों को भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत देश में शरण मिलनी चाहिए.

मायावती ने ट्वीट कर कहा, ‘’पाकिस्तानी मूल के गायक अदनान समी को जब बीजेपी सरकार नागरिकता व पद्मश्री से भी सम्मानित कर सकती है तो फिर जुल्म-ज्यादती के शिकार पाकिस्तानी मुसलमानों को वहां के हिन्दू, सिख, ईसाई आदि की तरह यहां सीएए के तहत पनाह क्यों नहीं दे सकती है? केंद्र सीएए पर पुनर्विचार करे तो बेहतर होगा.’’ मायावती की ये मांग और कुछ नहीं बस अपने खिसक चुके वोटबैंक को वापस अपने पाले में करने की कोशिश मात्र है.

आपको बता दें कि अदनान सामी को पद्मश्री दिए जाने की घोषणा के बाद विवाद खड़ा हो गया. भारत सरकार ने 2016 में अदनान सामी को भारत की नागरिकता दी थी. तब से वो भारत में रह रहे हैं और भारत की बात करते हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि ना तो अदनान सामी शरणार्थी थे और ना ही घुसपैठिये. पाकिस्तान ने जब उनका पासपोर्ट रिन्युल नहीं किया तो अदनान ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन दिया और मोदी सरकार ने उन्हें नागरिकता दे दी.

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