कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद बोले- मोदी और इमरान की मैच फिक्सिंग से हुआ पुलवामा हमला

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जहाँ राहुल गाँधी हर जगह ज्ञान देते नज़र आते हैं कि पुलवामा हमले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हो नहीं रहा..क्योंकी उनके ही पार्टी के नेता इससे बाज़ नहीं आ रहे है.. चाहे वो दिग्विजय सिंह हों, सलमान खुर्शीद हों, सिद्धू हों, या कमलनाथ, सब ने लगातार मोदी की आलोचना या विरोध के चक्कर में भारतीय सेना और भारत पर ही सवाल उठा दिए हैं.. ये तो इनके सीनियर नेताओं के बयान कि बात हैं, इसमे छोटे नेताओं को तो गिना भी नहीं जा रहा.. अब इस कड़ी में नया नाम कांग्रेस के महासचिव बी. के. हरिप्रसाद का जुड़ा गया है. हरिप्रसाद ने पुलवामा हमले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मिलीभगत बताया थी ..और वो यही नहीं रुके आगे उन्होंने कहा, “पुलवामा अटैक के बाद के घटनाक्रम पर यदि आप नजर डालेंगे तो पता चलता है कि यह पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच मैच फिक्सिंग थी.. केंद्रीय मंत्री रविशंकर को साफ करना चाहिए कि पीएम मोदी और इमरान खान के बीच आखिर क्या मैच फिक्सिंग थी…उनकी जानकारी के बिना पुलवामा का आतंकी हमला नहीं हो सकता था .

उसके बाद कानून मंत्री रविशंकर ने कहा कि उनका यह बयान शर्मनाक और बहुत निदंनीय है।’’इस तरह के बयानों से उन्होंने भारत की सेनाओं का अपमान किया है, सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत का अपमान किया है.. और जवानों के बलिदान की यादों पर नमक छिड़का है.. ‘‘क्या वह अपने बयानों के परिणामों को समझते है.. ऐसे कैसे कोई भारत कि जहां तक भारत की सुरक्षा एजेंसीयों पर सवाल उठा सकते है…ये सब राहुल गाँधी के डायरेक्शन में हो रहा है .. जिस आतंकी हमले में हमारे 40 जवान शहीद हुए.. जिस हमले के बाद हमारे वायुसेना ने पाकिस्तान में अंदर घुसकर कारवाही की ..यहाँ तक जैश के सबसे बड़े कैंप को नेस्तनाबूद किया ..उस हमले के बारे में कहना की ये इमरान खान और pm की मिलीभगत है कोई सोच भी कैसे सकता है .. बी. के. हरिप्रसाद का ये बयान गुस्सा दिलाने वाला है ..अगर कांग्रेस के नेता इसकी गंभीरता नहीं समझेंगे तो इसका खामियाजा उनको ही भुगतना पढ़ सकता है..

खैर ऐसे ही सबूत माँगने वालों के लिए मंत्री जनरल (retd) वीके सिंह ने कहा था, “अगली बार जब भारत कोई कार्रवाई करे तो जो विपक्षी नेता प्रश्न उठाते हैं, उन्हें फाइटर प्लेन के नीचे बाँध के ले जाएँ.. जब बम गिराया जाएगा तो उन्हें वहीं से टारगेट दिख जाएगा.. इसके बाद उनको वहीं पर उतार दें.. वे लोग टारगेट की जगहों को गिन लें और वापस आ जाएँ.. ऐसा ही राज्यवर्धन ने सिब्बल पर तंज कसते हुए पूछा, था कि ‘आप अपनी खुफिया एजेंसियों पर भरोसा करने के बजाए इंटरनेशनल मीडिया पर भरोसा करते हैं? आप बेहद खुश दिखते हैं, जब मीडिया कहता है कि एयर स्ट्राइक से कोई नुकसान नहीं हुआ? सर आप ईवीएम के खिलाफ सबूत हासिल करने के लिए लंदन गए थे, क्या अब एयर स्ट्राइक के सबूत लेने बालाकोट जाएंगे?’

वैसे राहुल गाँधी से जब इसके बारे में पूछा गया तो कि आपके मंत्री एयर स्ट्राइक के उपर सवाल खड़े कर रहे है तो उन्होंने अपने मंत्रियों के ऐसे सवालों कुछ नहीं कहा.