मसूद अजहर की हालत गंभीर, गिरफ्तारी संभव नही- शाह महमूद क़ुरेशी

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पुलवामा हमले के बाद से ही पाकिस्तान बार बार सुबूतों की माँग करते रहे.. कहते रहे कि हमले में पाकिस्तान के खिलाफ अगर कोई भी सुबूत है तो दें.. हम कार्यवाही करेंगे.. आतंकी मसूद अजहर की गिरफ्तारी पर कहा कि अगर भारत ऐसे सुबूत देता है जो पाकिस्तान की अदालत को मंजूर है तो हम कार्यवाही करेंगे
28 फरवरी की सुबह भारत पाकिस्तान को डोज़ीएर सौंप देता है जिनमें जैश की सारी काली करतूतों का चिट्ठा होता है.. इसके बाद अब हम उनसे क्या अपेक्षा रखेंगे.. यही कि पाकिस्तान अब कार्यवाही करेगा मसूद अजहर के खिलाफ.. मगर पाकिस्तान तो आदत से मजबूर है और अब जो उनका बयान सामने आया है उससे आप इनके दोहरे चेहरे का आकलन कर सकते हैं.. जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को पनाह देने वाले पाकिस्तान और वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सार्वजानिक तौर पर स्वीकारा है कि मसूद पाकिस्तान में ही मौजूद है लेकिन..

लेकिन वो बहुत बीमार है.. बुरी हालत में तड़प रहा है.. उसकी हालत ऐसी है कि वो घर से बाहर भी नहीं निकल सकता तो जाहिर हैं ऐसे स्थिति में है कि अभी हम उसपर कोई कार्यवाही नहीं कर सकते.. क्यूंकि हमारे देश के भी कानून हैं जिनका हमें पालन करना होता है..

तो अब इनका कहना है कि मसूद की बीमारी ठीक होने के बाद ही वो मसूद पर कोई कार्यवाही करेंगे.
पाकिस्तानी आतंकियों के सामने पकिस्तानी सरकार हमेशा से ही बौनी नजर आई है आपको याद होगा इससे पहले भारत ने 2008 में मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद के खिलाफ भी सुबूत दिए थे लेकिन आज तक हाफ़िज़ की गिरफ्तारी नहीं हुई है.. देश के विभिन्न मंचों से उसने पाकिस्तानी सरकार को कई बार ललकारा भी है “अगर पाकिस्तान सरकार मुझे गिरफ्तार करना चाहती है तो करे लेकिन में कश्मीर को भारत से अलग करने के अपने कार्यवाहियों में लगा रहूँगा”
सईद को अमेरिका और भारत से दबाव के चलते पाकिस्तान में नज़रबंद किया हुआ है और उसके ऊपर 1 करोड़ डॉलर्स का इनाम भी घोषित है
सईद के मामले में पाकिस्तान ने कहा कि उसके खिलाफ पाकिस्तान में कोई मामला दर्ज नहीं है अगर होगा तभी हम कार्यवाही करेंगे, और आज मसूद के मामले में कह दिया है कि वो बीमार है.. इस स्थिती में नही है कि हम उसे गिरफ्तार कर सकें.. अब इससे साफ़ पता चलता है कि पाकिस्तान किस तरह से दोहरा रवैया दिखाता है.. पहले सुबूतों की मांग.. जब सुबूत दिए तो नया बहाना.. खैर इस बार हिंदुस्तान किसी भी तरह की माफी देने के मूड में नहीं है.. आपको बता दें कि पुलवामा हमले के अलावा जैश ए मोहम्मद.. 2001 में संसद में हुए हमले, 2008 के मुंबई अटैक्स, २०१६ में पठानकोट अटैक का भी ज़िम्मेदार है जिसके बाद पाकिस्तान सरकार ने कहा कि हमने उसे नजरबंद कर लिया है.. लेकिन यकीनन मसूद अजहर पर कोई नजर नहीं रखी जा रही थी और 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमला करा दिया और आगे भी ऐसे कई हमलों की साज़िश वो बना रहा था.. जिस के चलते 26 फरवरी को हिन्दुस्तानी वायुसेना ने जैश के तमाम ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किया और बताया जा रहा है कि इस हमले में जैश के लगभग 300 आतंकियों को मार गिराया गया है जिसमें एक मसूद अजहर का साला था.. युसूफ अजहर
हो सकता है कि मसूद की यह बीमारी शायद उसी एयर स्ट्राइक का आफ्टर इफ़ेक्ट है जो 26 फरवरी को इनके तमाम ठिकानों पर हुआ था.. मसूद अजहर के खिलाफ अब ना केवल हिंदुस्तान बल्कि यूनाइटेड स्टेट्स, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने भी कल UN security council में प्रपोजल दिया है जिसमें मसूद की वैश्विक यात्राओं, हथियारों की खरीद और उसकी तमाम संपत्तियों पर कब्ज़े की मांग की गई है
जो भी कुछ चल रहा है राष्ट्र और अन्तर्राष्ट्र में.. उससे उम्मीद जताई जा रही है कि अब पाकिस्तान कोई कार्यवाही करे या ना करें भारत और बाकि तमाम देश इसका इंतज़ार नहीं करेंगे और मसूद पर जल्द ही शिकंजा कसेंगे