ना जाने कितने ही परिवारों को जुदा कर गया पुलवामा

किसी का बेटा,किसी का पति तो किसी का भाई सेना में था। कितना गर्व करने लायक बात थी ना,आख़िर वो पूरे देश के रक्षक जो थे। सब सोते थे और वो जागकर पूरे देश की रक्षा करते थे।सबके अंदर एक जज्बा था देश के दुश्मनों के खात्मे का।
ऐसा नही था अपने परिवार से मिलने का मन नही करता होगा,करता होगा,जरूर करता होगा। पर देश के लिए सब कुछ भूलने की मजबूत इच्छशक्ति उनके भीतर थी,जिसने उन्हें कभी कमज़ोर नही पड़ने दिया। और वो हमेशा देश पर होने वाले हर हमले को नाकाम करने के लिए सीना तानकर खड़े रहे।
यूँ तो सैनिकों के लिए हर दिन आख़िरी ही होता है क्योकि क्या पता किधर से चली गोली उसकी जिंदगी को खत्म कर दे लेकिन 14 फरवरी को किसने सोचा था कि आज उनकी जिंदगी का अंतिम दिन होगा। काफिले निकला तो था एक जगह से दूसरी जगह जाने को पर आतंकियों के नापाक इरादों के आगे उनकी एक ना चली और बस में बैठे 40 जवानों को मौत के घाट उतार दिया गया। कोई कुछ सोच भी पाता उससे पहले ही ये हादसा हो गया किसी को कुछ भी करने का भी मौका नही मिला था। हादसे के बाद जब धुंआ छटा तब का नज़ारा ऐसा था जो किसी की भी रूह कंपा सकता है। चारो तरफ जवानों के शवो के टुकड़े फैले थे।

शहीद जवानों की पहचान तक करना मुश्किल हो गया था। बाद में जैसे जैसे देश के लिए शहीद होने जवानों के शव उनके घर पहुँचते गए तब परिवार वालो की चीत्कार किसी को भी रुलाने के लिए काफी थी। जो पति अपनी पत्नी को सुनहरे सपने दिखाता था वो उसे छोड़ गया,जो बेटा अपनी माँ के आंसू पौंछने की बात करता था वो उसे छोड़ गया था,जो भाई अपनी बहन को वापसी में ढेर सारे गिफ्ट के साथ आने की बात कहता था वो उसे छोड़कर चला गया था। पूरे देश से बदले की आवाज उठी और सरकार ने भी सेना को खुली छूट दी। गुस्से में सेना भी थी, सोमवार को मिली सूचना पर सेना ने एक घर मे धावा बोला और लम्बे वक्त तक चली मुठभेड़ के बाद सेना ने पुलगामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान उर्फ राशिद गाजी अपने तीन आतंकी ढेर कर दिए, लेकिन इस मुठभेड़ में भी सेना के मेजर समेत 5 जवान शहीद हो गए।

देहरादून के रहने वाले मेजर विभूति शंकर का पार्थिव शरीर सोमवार की शाम जब देहरादून लाया गया तो भवनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। भारत माता की जय और वन्दे मातरम जैसे नारो के बीच उनका शव लोगो के दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान उनकी पत्नी निकिता कौल अपने पति के कान में कई बार आई लव यू बोलती दिखाई दी। शायद वो समझ ही नही पा रही थी कि जिसको वो इतना प्यार करती थी वो अब इस दुनिया मे नही है। वो समझ ही नही पा रही थी कि जिसके साथ उन्होंने समाज से लड़कर शादी की थी वो ही उन्हें अकेला छोड़के चला गया। 

ये अकेला वाकया नही है,शहीदों में कई ऐसे भी रहे जिनकी शादी होने वाली थी,कार्ड तक भी बंट चुके थे लेकिन पुलगामा सभी के अरमानों को तोड़ते हुए कइयों की जिंदगी को लील गया।

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