सनसनीखेज खुलासा : सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई बड़ी गड़बड़, कई महत्वपूर्ण जानकारियों को छुपाया गया

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जब से बिहार पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच की कमाना संभाली है तब से मुंबई पुलिस एक्सपोज होना शुरू हो गई है. मुंबई पुलिस की जांच नेपोटिज्म और फिल्म कॉन्ट्रैक्ट्स के बारे में चल रही थी. लेकिन जैसे सुशांत के परिवार ने गर्लफ्रेंड रिया के खिलाफ FIR दर्ज करवाई और केस में बिहार पुलिस की एंट्री हुई सारा खेल ही पलट गया. एक एक करके ऐसे ऐसे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं, जिसको लेकर अब मुंबई पुलिस ही सवालों के घेरे में आ गई है.

सुशांत की एक्स मैनेजर दिशा सल्यान ने 14 फ्लोर से कूद कर आ’त्मह’त्या कर ली थी. दिशा की मौ’त के कुछ ही दिन बाद सुशांत ने आ’त्मह’त्या कर ली. बिहार पुलिस को शक है कि सुशांत और दिशा की मौत के बीच कोई लिंक है. लेकिन जब बिहार पुलिस ने मुंबई पुलिस से दिशा की केस फ़ाइल मांगी तो मुंबई पुलिस ने कहा कि केस फ़ाइल डिलीट हो गई है. अब सवाल ये है कि जो पुलिस इतने महत्वपूर्ण केस की फ़ाइल डिलीट कर सकती है वो सुशांत केस की जांच निष्पक्ष कैसे कर सकती है. सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे हैं कि मुंबई पुलिस किसी को बचाने की कोशिश कर रही है.

दिशा की केस फ़ाइल डिलीट होने के बाद एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बड़ी गड़बड़ है. न्यूज 18 इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई बड़ी जानकारियाँ गायब हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डे’ड बॉडी की हाइट या कोई आइडेंटिटी मार्क का जिक्र नहीं किया गया है. मौ’त होने के बाद बॉडी में क्या बदलाव आया इसकी जानकारी नहीं दी गई, जिससे मौ’त के समय का पता चलता है. इसके साथ ही डे’ड बॉडी की स्थिति की जानकारी भी इसमें नहीं दी गई है, जैसे जीभ निकली हुई थी या नहीं, आंख खुली थी या बंद. बॉडी को किस पोजिशन में उतारा गया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में झोल का शक तब और गहरा हो जाता है जब कूपर अस्पताल की तरफ से बिहार पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से मना कर दिया गया. साफ़ जाहिर हो रहा है कि कोई बहुत बड़ी साजिश को छुपाया जा रहा है, किसी बड़े नाम को बचाने की कोशिश हो रही है. इस पूरे मामले में जिस तरह से मुंबई पुलिस, बिहार पुलिस के साथ बर्ताव कर रही है वो भी सवालों के घेरे में हैं. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मुंबई पुलिस क्यों चाहती है कि बिहार पुलिस जांच नहीं करे?