टाइम्स ऑफ़ इंडिया के रिपोर्टर पर क्यों भड़के पूर्व कांग्रेसी एमएस बिट्टा?

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सोशल मीडिया पर एक विडियो क्लिप वायरल हो रही है जिसमे अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एमएस बिट्टा टाइम्स ऑफ़ इंडिया के एक रिपोर्टर पर नाराज हो रहे हैं. बिट्टा उस रिपोर्टर पर भड़कते हुए कह रहे हैं कि मेरे जैसा पुराना कांग्रेसी नरेंद्र मोदी के काम को सैल्यूट कर रहा है. अगर किसी को नरेंद्र मोदी का काम नहीं दिखता तो वो हिन्दुस्तानी है ही नहीं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के रिपोर्टर ने बिट्टा से कश्मीर के हालात पर सवाल किया कि पाकिस्तान आँखे दिखा रहा है तो बिट्टा ने भड़कते हुए कहा कि आप काहे के पत्रकार हो. नरेंद्र मोदी ने इतना बड़ा काम कर दिया आप पर इसका कोई असर नहीं क्या? नरेंद्र मोदी के काम को सैल्यूट करो. क्या मतलब है कि पाकिस्तान आँखे दिखा रहा है. बिट्टा ये भी कह रहे हैं कि मुझ जैसा पुराना कांग्रेसी उनके काम को सैल्यूट कर रहा है.

आइये आपको बताते हैं कि बिट्टा कौन हैं? बिट्टा वर्तमान में अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष हैं. वह अपने फ्रंट के बैनर तले सामाजिक कार्यों में जुड़े रहते हैं. वह मुख्य रूप से शहीद सैनिकों और आतंकवादी घटना में शहीद हुए लोगों के परिवार वालों लिए काम करते हैं, साथ ही देश से आतंकवाद के खात्मे के लिए भी तरह-तरह के मुहीम चलाते रहते हैं. पीवी नरसिम्हा राव के जमाने में वो यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हुआ करते थे. 8 साल की उम्र में ही कांग्रेस सेवा दल के साथ जुड़ जाने वाले बिट्टा जब 13 साल के थे तब 1992 में अमृतसर में एक बम धमाके में अपना एक पैर खो दिया था. उनपर कई बार जानलेवा हमले किये गए जिस कारण उन्हें z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है.

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद बिट्टा खुल कर सरकार के फैसले के साथ खड़े हैं. बिट्टा ने कहा था कि कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने से भारत को मुकम्मल आजादी मिली है। सरदार पटेल का अधूरा सपना पूरा हुआ है.

लेकिन सिर्फ बिट्टा जैसे पूर्व कांग्रेसी ही नहीं बल्कि कई वर्तमान कांग्रेसी भी सरकार के फैसले पर उनके साथ खड़े हैं. पार्टी के युवा नेता दीपेन्द्र हुडा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाये जाने का समर्थन किया. उसके बाद जयराम रमेश, अभिषेक मनु सिंघवी, शशि थरूर ने भी पीएम मोदी के अच्छे कामों की तारीफ़ की. हालाँकि ये नेता सीधे सीधे तो कश्मीर मुद्दे पर सरकार के साथ नहीं आये लेकिन ये कह कर कांग्रेस में तहलका मचा दिया कि नरेंद्र मोदी के अच्छे कामों की तारीफ़ होनी चाहिए, उनके अच्छे कामों की आलोचना करने से जनता के बीच कांग्रेस पार्टी की छवि ख़राब हो रही है.

सरकार भी ये कह रही है कि देश हित के मुद्दे पर सभी पार्टियों को साथ आना चाहिए. कुछ पार्टियाँ इस मुद्दे पर सरकार के साथ खड़ी भी हैं लेकिन लोगों देश की सबसे पुरानी पार्टी से उम्मीद थी कि वो कश्मीर पर सरकार के साथ खड़ी होगी लेकिन कांग्रेस इसे लोकतंत्र की हत्या बता कर पाकिस्तान की भाषा बोलने लगी.