“भगवान राम किस कमरे में पैदा हुए थे” कहने वाले मणिशंकर को पत्रकार ने दिया जवाब

देश में राम मंदिर को लेकर सालों से विवाद चलता आ रहा है. विवादित जमीन को लेकर पैदा हुआ विवाद धार्मिक से ज्यादा अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है. इस मुद्दे को लेकर सभी पार्टियां खूब राजनीति कर रही है. वहीँ राम मंदिर मुद्दे पर नेताओं के अटपटे बयान भी खूब सामने आते है. कोई कहता है RAM DOES NOT EXIST. कोई कहता है राम अयोध्या में पैदा ही नही हुए. कितने बयान आपको गिनाये, बयानों की लाइन इतनी लंबी है कि गिनाने में काफी समय लग जाएगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन बयानों को देने वाले कौन है? कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर को तो आप जानते ही होंगे. मतलब कांग्रेस की खटिया अकेले खड़ा कर सकते हैं ये जनाब. इन्होने अपना ये टैलेंट पहले भी दिखाया है जो कांग्रेस के लिए मुसीबत बन गयी थी लेकिन अब राम मंदिर पर ये क्या बोल गये. इसे भी सुनना आपको जरुरी है देखिये क्या है?

मणिशंकर का बयान सामने आने के बाद अब वे सोशल मीडिया पर लोगों ने निशाने पर आ गये है आइये हम आपको कुछ लोगों की टिप्पणी दिखाते हैं जो मणिशंकर के बयान के बाद आई है.
पत्रकार सुशांत सिन्हा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस रत्न मणिशंकर अय्यर जितनी डिटेलिंग में जा रहे हैं कि 10 हजार कमरों में से श्रीराम किस कमरे में पैदा हुए थे ऐसा न हो कि कोई उनसे पूछ ले कि करोड़ों स्पर्म में से उनकी पैदाइश किस स्पर्म से हुई थी.अपनी मूर्खता अपने पास रखिए बॉस, लोगों की भावनाओं से मत खेलिए.

देखिये लोगो ने क्या क्या कहा है

मणिशंकर पहले भी इस तरह के ब्यान देकर कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी पर भी घटिया ब्यान देकर इन्होने अपनी मानशिकता का परिचय दिया था. कई बार मणिशंकर को पार्टी से बाहर निकालें जाने की मांग भी की जा चुकी है. खैर मणिशंकर अय्यर कांग्रेस के लिए किसी मुसीबत से कम नही है. मणिशंकर जी आपको हमारी एक सलाह है, अब तो संभल जाइए. आपके इस तरह के बयानों से ना तो आपका भला होगा और ना ही आपकी पार्टी का.

देखिये वीडियो

देखिये मणिशंकर अय्यर को सोशल मीडिया पर लोगों ने कैसी प्रतिक्रियाएं दी है.


कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने 10/15/2018 को राम मंदिर पर बयान देते हुए कहा कि हिंदू लोग अयोध्या में भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं. इसलिए कोई भी अच्छा व्यक्ति दूसरों के ढहाए गए पूजा स्थल पर राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहेगा. इस बयां को बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर फटकार लगी थी.

अखिलेश के चचा शिवपाल ने भी एक सभा में कहा था कि राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में नहीं होना चाहिए.राम मंदिर विवादित जगह पर न बने बल्कि आम सहमति से किसी अन्य स्थान पर बनाया जाए.’ कांग्रेस के द्वारा ही सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे में कहा कि भगवान राम की कथाएं सिर्फ एक कहानी है…रामसेतु से भगवान राम का कोई लेना देना नही है….राम डज नॉट एक्सिस्ट…

अब यहां सोचने वाली बात तो यह है कि देश के एक खास समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए नेताओं द्वारा कब इस तरह के बयानों की लाइन लगी रहेगी. नेता सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह के बयानों देते रहते हैं. यही नेता समाज के दो समुदाय के बीच दंगा फैलाने के लिए भी जिम्मेदार पाए गये हैं. हमें ऐसे बयान देने वाले नेताओं से बचकर रहना चाहिए.

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