पहले वोट खरीदे, फिर चुनाव हारे तो पैसे वापस मांगे

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सत्ता चीज़ ही ऐसी है आपसे जो करवाए वो कम है, अब देखिये ना एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी न्यूनतम आय बजट और महिला आरक्षण विधेयक का वादा कर चुके हैं.. तो उन्ही की पार्टी के एक नेता ने अपनी बीवी को चुनाव जिताने के लिए पैसे बाँट दिए, खैर नई बात ये नहीं है.. इसमें नया यह है कि जब इनकी बीवी चुनाव हार गईं तो यह महाशय जनता से वापस पैसे मांगने पहुँच गए…

और गाँव वालों ने उन्हें बेईज्ज़ती करके भगा दिया..

तो यह पूरा मामला है तेलंगाना के सूर्यपेट जागिरेड्डीगुजम का.. जहां पूर्व कांग्रेस नेता उप्पू हिमावती के पति ने चुनाव से पहले लोगों में पैसे बांटे… फिर बाद में उन्ही पैसे को वापस मांगना शुरू कर दिया क्यूंकि उनकी पत्नी वो चुनाव हार गईं। जानकारी के मुताबिक 9वें वॉर्ड से TRS प्रत्याशी उप्पू को सिर्फ 24 वोट मिलते थे और वह बुरी तरह से स्थानीय वॉर्ड चुनाव हार गई तो बीवी के भक्त उनके पतिदेव प्रभाकर अपने नुकसान की भरपाई करने वापस पैसे मांगने पहुँच गए.


जानकारी के मुताबिक उन्होंने वोटर्स के बीच 500-700 रुपये बांटे थे। विडियो में देखा जा सकता है कि प्रभाकर गांववालों से कह रहा है कि उन्हें पैसे वापस कर देने चाहिए क्योंकि प्रत्याशी से मदद लेने के बाद भी उन लोगों ने चुनाव में उन्हें वोट नहीं दिया। दगाबाज़ गाँव वाले गांववालों ने बाद में प्रभाकर को भगा दिया।

पर्सनली बोलूं मुझे प्रभाकर के लिए बहुत बुरा लग रहा है.. कितना नुकसान हो गया बेचारे का.. पर बीवी के लिए प्यार देखिये.. उसे चुनाव जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोडी.. इतना पैसा दांव पर लगा दिया.. बस गाँव वाले धोखा दे गए

वैसे तेलंगाना में कैश के बदले वोट का यह पहला मामला नहीं है। अक्टूबर में भी उप्पल पुलिस ने ऐसे ही एक शख्स को इसी आरोप में गिरफ्तार किया था। और 2015 में तो एक बड़ा घोटाला सामने आया था जिसकी जांच तेलंगाना विधानसभा तक पहुंची थी। 

खैर चुनाव हैं.. और इस तरह की खबरें आती रहेंगी.. पर मैं चाहूंगी जो गलती प्रभाकर ने की वो और लोग ना करे . जो लोग वोट खरीदते हैं वो समझ ले कि जनता अब बहुत समझदार हो गई है.. अब आपके पैसे और सामान उनका वोट नहीं खरीद सकते.