दिनेश कार्तिक का Confidence टीम इंडिया पर पड़ गया भारी

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नए नए लौंडो को मौका दे रही टीम इंडिया तीसरा टी-20 मुकाबला हार गई। अगर भारी भरकम रनों से हारती तो कसम से ज्यादा दुख ना होता पर ये तीन-चार रनों से मिली हार दिल को चोट करती है। चोट भी ऐसी वैसी नही बल्कि बार बार दिल को लग रहा है कि काश एक चौका और लग जाती तो अपनी टीम सीरीज़ जीतकर इतिहास रच देती। वैसे हार के लिए गेंदबाजों को दोष देना शायद ही ठीक होगा क्योकि टी-20 मैच है दूसरी टीम भी खाली हाथ नही थी बल्कि उसके हाथ मे भी बल्ला था वो भी सवा चार इंच चौड़ा,जिसपर गेंद अगर ढंग से चढ़ जाए तो बाउंडरी के पार ही जाएगी। गेंद बल्ले के सम्पर्क में आई भी और उसका नतीजा ये हुआ कि न्यूजीलैंड वाले 212 रन बना गए।

अकेले मुनरो ने ही 40 गेंदों में 76 रन ठोक दिए। अब जब भारत बैटिंग के लिए आया तो लगा कि शायद रोहित शर्मा,शिखर धवन,एमएस धोनी जैसे अनुभवी और हार्दिक,क्रुणाल पांड्या जैसे तिकड़म बल्लेबाज आसानी से मैच जीता देंगे। हुआ भी कुछ ऐसा ही और आस्किंग रेट को अपने कब्जे में रखते हुए टीम इंडिया लगातार आगे बढ़ती रही। आख़िर आते आते दिनेश कार्तिक और क्रुणाल पंड्या टीम को जीत के काफी करीब ले गए।

19वे ओवर तक दिनेश कार्तिक विस्फोटक अंदाज में बैटिंग करते हुए 11 गेंदों 24 रन ठोक चुके थे,क्रुणाल भी 12 गेंद में 25 रन जमा चुके थे,लग रहा था की टी-20 सीरीज भी बस अपनी मुट्ठी में आ ही चुकी है। मगर लास्ट ओवर टीम इंडिया के लिए किसी बुरे सपने से कम नही था। 
लास्ट ओवर था और सामने थे दिनेश कार्तिक- बॉलर थे टिम साऊदी।

पहली बॉल पर कार्तिक ने दो रन बनाए,अब 5 रन पर 14 रन चहिए थे।दूसरी गेंद कार्तिक को वाइड की तरफ जाती दिखाई दी उन्होंने उसको छोड़ दी लेकिन अंपायर ने वाइड देने के लिए अपनी बांहे नही खोली। यानी ये बॉल खाली निकल गई।


तीसरी गेंद पर कार्तिक ने मिड ऑफ पर शॉट खेला,रन हो सकता था,क्रुणाल भागकर आधी पिच पर आ चुके थे लेकिन कार्तिक ने उन्हें वापिस भेज दिया,क्रुणाल रन आउट होते होते बाल बाल बचे।
चौथी गेंद पर कार्तिक ने सिंगल ले लिया।पांचवी गेंद पर क्रुणाल ने बल्ला जोर से घुमाया लेकिन ठीक से टाइम नही कर पाए और एक रन ही आ पाया।आख़री गेंद थी,टीम इंडिया की हार तय हो ही चुकी थी। साऊदी की ये बॉल वाइड हुई,अगली गेंद पर कार्तिक ने छक्का जड़ा दिया। लेकिन फिर भी टीम चार रनों से हार गई,हारी क्या बल्कि इतिहास रचने का मौका भी गवा दिया।


हार के कई कारण हो सकता है,अकेले गेंदबाजों को निशाना बनाना सही नही है। रोहित भी धीमी बल्लेबाजी करके आउट हो गए,धोनी भी कुछ नही कर सके। हार्दिक पंड्या ने अच्छे शॉट तो खेले लेकिन बल्ला और गेंद हवा में उड़ाते हुए वो भी विकेट फेंक गए।

  दिनेश ने बैटिंग तो ठीक की लेकिन शायद पिछले साल बांग्लादेश के खिलाफ निदहास ट्रॉफी के फाइनल मैच में खेली उस मैच जिताऊ पारी के फेर से वो अभी तक बाहर नही निकल सके थे। शायद वो यहां भी कॉन्फिडेंस में थे कि टीम को आखिरी ओवर में वो जीत दिला ही देंगे लेकिन ना जाने वो कैसे भूल गए थे कि सामने बांग्लादेश नही बल्कि न्यूजीलैंड है। उनका कॉन्फिडेंस इतना ज्यादा ओवर हो गया कि टीम पर भारी पड़ गया। अगर वो चाहते तो अंतिम ओवर में टीम के खाते में एक और जीत दर्ज हो सकती थी लेकिन ना जाने क्यो उन्होने लास्ट ओवर की तीसरी गेंद पर रन नही लिया। पांड्या भागकर आधी पिच तक आ चुके थे,दिनेश चाहते तो रन पूरा कर सकते थे लेकिन उन्होंने नही किया। हो सकता है कि बढ़िया पारी खेल रहे क्रुणाल छक्का चौका जड़ा देते लेकिन ऐसा हो ही नही पाया।  चलो ठीक है मान लेते है कि वहां रन पॉसिबल नही था इसलिए नही भागे लेकिन जनाब अगली गेंद पर तो लम्बा शॉट मारने का सोचना था ना लेकिन लिया सिर्फ एक रन। अंत मे दिनेश के इस कदम की खूब आलोचना भी हुई। सबने खूब गरियाया।


ख़ैर, फिलहाल की सच्चाई तो यही है कि डीके की एक गलती पूरी टीम पर भारी पड़ गयी और निराश चेहरे के साथ टीम इंडिया को वापिस लौटना पड़ेगा।