भारत में यहां हुआ पहली बार गुटखा थूकने पर चालान, थूकते हुए CCTV में हुआ था कैद

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आप ने अपने आस पास मार्किट में या फिर स्टेशन पे लोगों को पान मसाला खाते हुए देखा ही होगा ,या आप में से कुछ के साथ रहने वाले दोस्त यार भी पान मसाला खाते ही होंगे ,तो आपको ये न्यूज़ जरूर सुननी चाहिए क्यों की क्योंकि अब पान मसाले को खाकर थूकना अब महंगा पड़ा सकता है,ऐसा ही एक केस अहमदाबाद का हम आपको बताने जा रहे है . दरअसल हुआ कुछ यूँ कि महेश नाम का एक शक्श ,सरदार पटेल मूर्ति रोड चौराहे के पास बाइक रोक कर खड़ा था ,तो वही उसने गुटखा भी थूक दिया फिर क्या उनका गुटखा थूकना सीसीटीवी कैमरे में तुरंत कैद हो गया..और जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद नगर निगम ने महेश कुमार का 100 रूपय का चालान काटा..नागरिक निकाय ने लोक स्वास्थ्य कानूनों के उल्लंघन के लिए ये ई चालान जारी किया..जिसके बाद उसके घर 100 रूपये का वो ई चालान भेजा गया.

ये जानकारी निगम ने खुद एक Press release जारी कर के बताई और कहा कि यह देश का ऐसा पहला मामला है ,जिसमे नगरपालिका ने शहर को स्वच्छ रखने के लिए इस तरह के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फोटो लगा कर ई-चालान भेज रही है।

महा नगर पालिका के अफसरों ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नल और पब्लिक प्लेस पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच होगी,और उन सीसीटीवी फुटेज से वीडियो क्लिप लेकर सड़क पर थूकने वालों के वाहनों के नंबरो को  ट्रैस किया जायेगा ,फिर उनको चालान भेजा जाएगा।

अगर देखा जाये तो ये कदम बेहद ही अच्छा है जो इस दिशा में उठाया गया है, हम में से ही वो कुछ लोग होते है जो पब्लिक प्लेस को गन्दा करते है, तो हम में से ही वो लोग भी होते है जो ऐसे गंदे कोने देख कर बड़ा अजीब लगता है..पर फिर हम उन लोगों को टोकते नही है जो बेवजह सड़क पर गंदगी फैलाते है या कही भी थूकते है..अप एक एक्साम्प्ल ही ले लीजिये मेट्रो स्टेशनस पर हम ऐसा कोई भी काम नहीं करते ना ही थूकते है,यहाँ तक कुछ खा कर भी हम पैकेट डस्टबिन में डालते है..क्यों ? क्यों की हमे फाइन का डर होता है पर ये चीज़ हम और जगहों पर क्यों नहीं फॉलो करते,क्यों की क्गता है कोई देख नहीं रहा है हमे, या कोई फाइन लगाने वाला नहीं है.. हमे सुनना अच्छा लगता है कि दूसरी कन्ट्रीज में बड़ी सफाई रहती है..पर जरा सोचिये कि उस सफाई रहने में वहां के लोगों का भी हाथ रहता है..

अपने देश में यहां-वहां थूकना और खुले में शौच करने की समस्या को, कोई बड़ी समस्या नहीं मना जाता और नहीं ही इसे एक बड़े नहीं के तौर नहीं देखा जाता है। पर ऐसे में ये छोटे छोटे कदम वाकई सराहनीय योग्य है। क्यों की pm मोदी की अभियान चलाने से कुछ नहीं होगा हम लोगों को भी अपनी ड्यूटी अपना काम करना होगा. हमारे स्वच्छ भारत मिशन को आगे और बेहतरीन बनाने के लिए भले ही ये एक छोटा सा प्रयास है. लेकिन जैसा अहमदावाद में हुआ है ,ऐसा देश के और भी राज्यों में भी होना चाहिए, जिससे देश साफ बने स्वच्छ बने।