कोरोना सं’कट के बीच वि’पक्ष की बड़ी बैठक, ममता-उद्धव सहित कई राजनीतिक दल होंगे शामिल

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आज पूरा देश कोरोना की मा’र से जू’झ रहा है. जिसकी वजह से देश में आर्थि’क सं’कट भी बढ़ता जा रहा है. जिसकी वजह से हा’लात काफी ना’जुक हो चुके है. ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकारें लगातार अपनी तरफ से कोशिश कर रही है ताकि स्थिति पर नि’यंत्रण बना के रखा जा सके. साथ ही आ’र्थिक स्थिति को भी बेहतर किया जा सके. देश में लॉकडाउन का चौथा चरण कल से शुरू हो चुका है. जिसमें कुछ राज्य सरकारों ने अपने राज्यों के कई वि’शेष छू’ट भी है है.

वही अब कोरोना को लेकर वि’पक्षी दलों की बैठक की जा रही है. जिसमें वि’पक्ष के सभी बड़े बड़े नेता शामिल होंगे. यह बैठक शुक्रवार को 3 बजे होगी. आपको बता दें इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी नेता शरद पवार, डीएमके नेता एमके स्टालिन समेत 15 राजनीतिक दलों के नेता हि’स्सा लेंगे. इसके अलावा कांग्रेस का इस बैठक में शामिल होना अभी स्प’ष्ट नहीं हुआ है.

दरअसल इस बैठक में केंद्र सरकार के द्वारा राज्यों सरकारों की दिए जाने वाले नि’देशों और कोरोना संक’ट के मुद्दें’ पर चर्चा करना है. अभी कुछ दिनों पहले ममता बनर्जी ने  केंद्र सरकार पर आरो’प लगाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार बैठक के दौरान भे’दभाव करती है. तो वही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने केंद्र से दाल मांगी, क्योंकि हम अपने राज्य में खा’द्य सुरक्षा कानू’न के तहत लोगों को अनाज देते हैं, लेकिन हमारे पास सिर्फ चावल है. इसलिए हमने दाल और गेहूं की मांग की है जो हमें अब तक नहीं मिली. मुझे लगता है कि दाल में कुछ काला है लेकिन दाल तो आने दो.

जाहिर है इस बैठक में केंद्र सरकार को नि’शाना बनाते हुए ही चर्चा की जाएगी साथ ही राज्य सरकारों द्वारा अपनी रणनी’तियां बनायीं जाएंगी. दरअसल कोरोना संक’ट को लेकर केंद्र सरकार ने अभी तक अपनी तरफ से राज्यों के लिए राहत पैकेज की घो’षणा नहीं की है. जिसकी वजह से अब वि’पक्षी दल सरकार पर निशा’ना सा’ध रहे है.