ममता सरकार के खि’लाफ ध’रने पर बैठे बीजेपी सांसद, लगाए ये गंभीर आ’रोप

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ममता सरकार और केंद्र के बीच शीत यु’द्ध थमने का नाम नहीं ले रह हैं. इस वि’पदा के समय में भी ममता सरकार अपना उ’ग्र रवैया अपना रखा हैं. कोरोना वायरस में लॉकडाउन के बीच एक दोनों सरकारे आमने सामने आ चुकी हैं. तो दूसरी तरफ  भारतीय जनता पार्टी दिल्ली से लेकर बंगाल तक में ममता सरकार के खि’लाफ मो’र्चा खोले हुये है. अब बीजेपी के एक सांसद ने ममता सरकार पर आ’रोप मड़ते हुए ध’रने पर बैठ गए हैं.

बंगाल की बलूरघाट लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुकंता मजूमदार मंगलवार को दिनाजपुर में धरने पर बैठ गये. दिलचस्प बात ये है कि सांसद बीच सड़क पर पल्ला बिछाकर ही बैठ गये. सांसद ने आ’रोप लगाया है कि ममता सरकार उनको कही आने जाने नही देती हैं.

सांसद सुकंता मजूमदार का आ’रोप है कि जब भी वो अपने संसदीय क्षेत्र में जाते हैं तो उन्हें हर जगह रोका जाता है. सांसद ने आ’रोप लगाया है कि पुलिस द्वारा सांसदों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने ये भी दावा किया कि कोरोना महामारी के बीच पुलिस उन्हें अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों की सेवा करने तक का मौका नहीं दे रही है.

सुकंता मजूमदार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुये बीच सड़क ध’रने पर बैठने का फैसला तो किया ही, इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय पुलिस स्टेशन को एक पत्र भेजकर ये भी पूछा कि उन्हें रोकने के कारण बताये जाएं. इससे पहले एक मामला बीजेपी सांसद को हाउस अ’रेस्ट करने का भी सामने आया है. लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम तोड़ने पर बीजेपी सांसद जॉन बारला को हाउस अरे’स्ट किया गया है.

कोरोना वायरस महामारी के बीच बीजेपी लगातार ममता सरकार पर ह’मलावर है. रविवार को पार्टी के सांसदों ने दिल्ली से लेकर बंगाल तक प्र’दर्श’न किया था. बीजेपी का आ’रोप है कि ममता सरकार केंद्र के दिशा-निर्देशों को न तो मान रही है और न ही मौ’त के सही आंकड़े बता रही है. बीजेपी का कहना है कि कोरोना से लड़ाई के बीच बंगाल में कुव्यवस्था फैली हुई है. वहीं, ममता बनर्जी दावा कर रही हैं कि उन्हें राशन की बजाय भाषण मिल रहा है.

ममता सरकार और केंद्र सरकार के बीच 36 आंकड़ा रहता हैं. पश्चिम बंगाल में अभी जब केंद्र सरकार ने अपनी टीम भेजी थी तो उसपर भी ममता ने आपत्ति जताई थी और उसे अपनी सीमा के अंदर घुसने नहीं दिया था. तभी बीजेपी कि तरफ से ममता को  घे’रने की कोशिश की गई थी. उसके बाद ममता ने टीम को अपना काम करने दिया. बंगाल के अदंर ममता एक तानाशाह बनकर बैठी हुए हैं.