प्रधानमंत्री मोदी को थप्पड़ मारने और मिट्टी का रसगुल्ला खिलाने की बात कहती हैं दीदी

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी आजकल गुस्से में हैं. चुनाव का मौसम हमारे देश में बयानों का मौसम होता है, आरोपों का मौसम होता है. ये मौसम होता है अपनी सफलताएं और दूसरे की असफलताएं गिनाने का. इस मौसम में राजनीति का माहौल खासा गर्म हो जाता है. इतना गर्म कि कुछ नेताओं को पसीना आ जाता है, और इस पसीने की वज़ह से वो नेता खीझ जाते हैं.

खीझकर इंसान कुछ भी बोल जाता है, कुछ भी कर जाता है, और ऐसा ही कुछ पिछले एक लम्बे वक़्त से ममता दीदी के साथ भी हो रहा है. वो लगातार कुछ ना कुछ ऐसे बयान दिए जा रही हैं जिनकी किसी को उनसे उम्मीद नहीं है. आजकल हर बार जब वो कुछ बोल रही हैं तो ऐसा बोल रही हैं कि जिसपर बवाल हो जा रहा है.

पश्चिम बंगाल की सियासत के मैदान में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में आमने-सामने की टक्कर है. यही वज़ह है कि ममता दीदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने बयानों से  निशाना साधने में में कोई कमी नहीं छोड़ रही हैं. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के चक्कर में ममता दीदी बहुत बार ये बात भूल जा रही हैं कि उन्हें क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं.

अभी हाल में ममता दीदी ने फिर से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाया है. अपनी एक रैली के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए फिर से कड़वी बात कह डाली.  अपनी इस रैली में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र का तमाचा मारने की बात कह दी.

ये बात तो आप जानते ही होंगे इस वक़्त ममता दीदी एक के बाद एक रैली करने में जुटी हुई हैं. ये बात भी ऐसी ही एक रैली की है. मंगलवार यानी 7 मई को संतूरी में एक रैली में भाषण देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लोकतंत्र का थप्पड़ मारने की बात कही.

उनके इस भाषण के बाद उनकी आलोचना भी हुई लेकिन शायद ममता दीदी को आलोचनाओं से फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि वो एक के बाद एक बहुत से ऐसे बयान दे चुकी हैं जो राजनीति की मर्यादाओं से परे हैं. अभी बस कुछ दिनों पहले ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर एक व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा था कि,

‘वो अपना छोटा सा परिवार तक तो देख नहीं पाए, देश को क्या देखेंगे? देश तो बहुत बड़ा परिवार है.’

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि,

‘प्रधानमंत्री मोदी को मिट्टी का लड्डू खिलाना चाहिए, जिसके अन्दर पत्थर होगा.’

ममता बनर्जी के इस बयान के बाद सुषमा स्वराज सहित और भी बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनका विरोध भी किया. लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं ममता दीदी ने अभी हाल ही में एक और आपत्ति जनक बात कही थी, तब जब उनका काफिला पूर्वी मिदनापुर से गुज़र रहा था.

सड़क के किनारे खड़े कुछ लोगों ने जब जय श्री राम का नारा लगाया तो ममता बनर्जी अपनी गाड़ी रुकवाकर नीचे उतर आईं और उन्होंने नारा लगाने वाले उन लोगों से कहा कि,

“मेरे को गाली देने की हिम्मत कैसे हुई?”

जय श्रीराम सुनने के बाद उनके पूछे हुए इस सवाल का मतलब क्या है ये बात बिलकुल समझ नहीं आई. क्या ममता बनर्जी को श्री राम का नाम गाली लगता है?

उनके इस तरह के बयानों को लेकर मीडिया लगातार ममता दीदी पर सवाल उठा रहा है, लेकिन उनपर कोई असर नहीं हो रहा. उनके इस तरह के बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार उनकी किरकिरी हो रही है, लेकिन उनपर कोई असर नहीं हो रहा.

ममता बनर्जी लगातार इस तरह के बेतुके बयान देती जा रही हैं, और उनके तेवर देखकर लगता है कि वो आगे भी ऐसा करती रहेंगी, देखना ये है कि जनता चुनाव में उनके इन बयानों का जवाब उनको देती है या नहीं.

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