गाड़ी से उतरकर सड़क किनारे खड़े लोगों पर चीख पड़ीं ममता

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किसी से मिलो तो हाथ जोड़कर उससे राम-राम करो. किसी से पास से उठकर जाने लगो तो हाथ जोड़कर चलते हुए कहो,

‘अच्छा जी, जय राम जी की’

हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में राम का नाम किस तरह शामिल है और कितना शामिल है इस बात का अंदाजा लगा पाना बहुत आसान नहीं है. हमारे फायदे से लेकर नुकसान तक और ज़िंदगी से लेकर मौत तक, सबकुछ राम के नाम से ही जुड़ा हुआ है. लेकिन ज़रा सोचिये कि क्या हो अगर यही राम का नाम किसी को गाली जैसा लगने लगे तो?

जय श्री राम बोलने के लिए किसी राज्य की मुख्यमंत्री आपको गिरफ्तार करा दें तो?

सुनकर आपको बहुत ही अटपटा लग रहा होगा, लेकिन हाँ ऐसा हुआ है. तीन लड़कों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सर्वेसर्वा ममता बनर्जी के सामने जय श्री राम का नारा लगाया, वो उनपर भड़क गईं और ऐसा करने के लिए उन युवकों को गिरफ्तार भी कर लिया गया.

ये घटना है पूर्वी मिदनापुर की. शनिवार 4 मई को ममता बनर्जी चन्द्रकोण की आरामबाग सीट के लिए रैली करने के लिए अपने काफिले के साथ जा रही थीं.  ये सीट पश्चिमी मिदनापुर के अंतर्गत आती है, और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ कही जाती है.

ममता बनर्जी का काफिला चंद्रकना कसबे के पास से गुज़र रहा था. लोग रास्ते के किनारे खड़े होकर गाड़ियों के इस काफिले को गुज़रता देख रहे थे. उनके काफिले को देख रहे इन लोगों में से ही कुछ लोगों ने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना शुरू कर दिया.

ये नारा सुनकर ममता बनर्जी गुस्से से भड़क गईं. वो एकाएक अपनी गाड़ी रुकवाकर गाड़ी से बाहर निकल आईं. ये सब होता देख नारे लगाने वाले लोगों को लग गया कि उनके साथ कुछ तो होने वाला है, इसलिए वो अपनी जगह से हटने लगे.

उनके पीछे हटने के बावजूद भी ममता बनर्जी कुछ कदम आगे बढ़कर उनपर चिल्लाने लगीं. चर्चित न्यूज़ वेबसाइट बीबीसी के अनुसार उन्होंने बांग्ला में उन लोगों से चिल्लाते हुए कहा,

‘क्या रे… तू भाग क्यों रहा है, इधर आ, इधर आ… भाग क्यों रहा है?’

वो सिर्फ इतना ही बोलकर नहीं रुकीं बल्कि बांग्ला में ही आगे भी बोलीं, जिसका हिन्दी ट्रांसलेशन है कि,

“मेरे को गाली देने की हिम्मत कैसे हुई?

इस पूरी घटना के दौरान ममता बनर्जी शायद ये भूल गईं कि मौके पर मौजूद बहुत से लोग अपने मोबाइल में इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं. नतीज़ा ये हुआ कि कुछ ही देर में ये वीडियो सोशल मीडिया पर नाचने लगा.

source- news 18

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वज़ह से ममता बनर्जी की बहुत किरकिरी हो रही है. लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए ममता बनर्जी के बर्ताव को लेकर खासी नाराजगी जताई है. लोगों ने ये कहते हुए जमकर इस वीडियो को शेयर किया कि,

‘जय श्री राम बोलना ममता दीदी को गाली देना लगता है.’

कुछ अन्य चर्चित वेबसाइट्स की रिपोर्ट्स बताती हैं कि नारा लगा रहे लोगों को खरी-खोटी सुनाने के बाद ममता बनर्जी तो अपनी गाड़ी में बैठकर आगे बढ़ गईं लेकिन काफिले में उनके साथ चल रही पुलिस की एक गाड़ी अलग होकर उन नारा लगाने वालों के पीछे चली गई.

इन रिपोर्ट्स की मानें तो नारा लगाने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया, उनसे पूछताछ की गई, रिपोर्ट्स में नारा लगाने वाले इन लोगों को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता बताया गया है, और अगली सुबह उन्हें छोड़ दिया गया. रिपोर्ट्स की मानें तो इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने अपनी रैलियों में भी ये मुद्दा उठाया.

अपनी चंद्रकोण और घाटल रैली के दौरान ममता ने इस मुद्दे का ज़िक्र करते हुए नारा लगाने वालों को लगभग धमकाते हुए कहा,

जो लोग इस तरह से नारेबाजी कर रहे हैं, होशियार रहें क्योंकि 23 मई को चुनाव का नतीजा आने के बाद उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.

एक सरसरी निगाह से देखने पर ये एक आम सी घटना लगती है लेकिन अगर गहराई से ध्यान दिया जाये तो ये घटना अपने पीछे बहुत से सवाल छोड़ जाती है. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहे जाने वाले देश में एक नेता का किसी रैली के मंच से इस तरह की धमकी देना किस तरफ इशारा करता है? क्या एक नेता का इस तरह का बर्ताव किसी एक वर्ग के प्रति उनके मन में भरी कुंठा को नहीं दिखाता? और एक नेता के मन में इस तरह की कुंठा का होना सही है क्या?

ये सारे सवाल पूछे जाने चाहिए, देश को इस तरह के सवाल पूछने की जरूरत है, और तबतक पूछने की जरूरत है जबतक नेता इनके वाजिब जवाब ना दे दें.

देखिये हमारा वीडियो: