‘रोज़ मरते हैं लोग’ पुलवामा घटना पर मल्लिका दुआ का कॉमेंट लोगों ने जम कर लगाई ‘लताड़’

370

मी टू (Me Too)’ के अंतर्गत यौन शोषण के आरोपों में फँसे विनोद दुआ की बेटी मल्लिका दुआ ने फिर से बेहूदा और विवादित बयान दिया है.. वैसे अपने-आप को स्टैंडअप कॉमेडियन के तौर पर पेश करने वाली मल्लिका दुआ अक़्सर विवादित बयानों और उलूल-जलूल हरकतों के कारण सुर्ख़ियों में छाई रहती हैं.. लेकिन इस बार इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में मल्लिका दुआ ने ..बेशर्मीपूर्वक पुलवामा हमले में वीरगति को प्राप्त सीआरपीएफ के जवानों का अपमान करते हुए कहा कि.. लोग रोज़ मरते हैं..मल्लिका दुआ यहीं नहीं रुकीं..उन्होंने भारतीय जवानों के बलिदान पर गुस्साए लोगों को धमकी देते हुए कहा.

मल्लिका दुआ के इस बयान पर सोशल मीडिया में उन्हें लोगों ने जमकर लताड़ा। एक ट्विटर यूजर ने कहा कि वह मल्लिका दुआ के बयानों से बिलकुल सहमत हैं। उन्होंने मल्लिका को याद दिलाया कि कैसे उन्होंने ‘मी टू’ को लेकर अच्छा-ख़ासा हंगामा मचाया था लेकिन जब उनके पिता विनोद दुआ पर यौन शोषण के आरोप लगे, तब वो ख़ामोश हो गई थीं। यूजर ने कहा, “सही बात है, लोग असली ज़िन्दगी में कुछ नहीं कर सकते। मल्लिका ने भी कुछ नहीं किया था जब उनके पिता यौन शोषण के आरोपों में घिरे थे…एक यूजर ने मल्लिका दुआ को यही सलाह आतंकियों को देने को कहा.

ट्विटर पर एक यूजर ने मल्लिका दुआ को किसी अच्छे अस्पताल में दिखाने की सलाह देते हुए कहा कि वह दिन पर दिन मानसिक रूप से विक्षिप्त होती जा रही हैं। मल्लिका दुआ ने एक कॉमेडी शो के दौरान अक्षय कुमार द्वारा मज़ाक में कही गई बात पर हंगामा खड़ा कर दिया था… उस दौरान उनके पिता विनोद दुआ भी अक्षय पर गुस्सा हो गये थे .

वैसे मैडम सही कहा आपने हर जगह बेरोजगारी और भुखमारी से कई लोग मरते ही रहते है ..तब क्या हम अपनी जिन्दगी रोक दे ..पर आप को अपनी कुशाग्र बुद्धि से इतना तो समझना चाहिए की यहाँ बात राष्ट्र की हो रही है ना कि बेरोजगारी और भुखमरी से मरने वालों की …पर आप ये बात शायद ना समझ पाए ..क्यों की देश के लोग वैसे ही गुस्से में है और इस घटना ने उनकी भावनाओ को बहुत हर्ट किया है …तो ऐसे बयान देकर के उनकी भावनाओ को ठेस ना पहुचाये.. नहीं तो जो लोग इज्जत देना जानते है …ऐसे बयान सुनकर उन्हें भी बेज्जती करने में कोई देर नहीं लगती ..तो अगली बार राष्ट्र के उपर बोलने या लोगों भावनाओ के उपर पोस्ट डालने से पहले जरा विचार कर लेना …और रहा सवाल मरने का तो मरने में सिर्फ लोग ही नहीं इस धरती पर कीड़े मकोड़े पशु पक्षी जीव जंतु जीते और मरते रहते है ..यहाँ बात मरने या मरने और शोक मनाने की नहीं हो रही है यहाँ बात राष्ट्र की हो रही है …और राष्ट्र जैसे शब्दों का मतलब अगर आपको नहीं पता तो भगवन के लिए अपना मुह बंद रखिये ..वैसे ही देश का माहोल बहुत खराब है ..तो ऐसे में ऊल जलूल बयान देकर देश का माहोल और मत बिगड़े …