एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार UAE और मालदीव ने दिया पाकिस्तान को जोर का झटका और भारत का साथ

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आर्थिक रूप से कंगाल और आतंक का पोषक देश के रूप में अपनी पहचान बना चुके पाकिस्तान की पूरी दुनिया में क्या हैसियत है ये किसी से छुपा नहीं है. पाकिस्तान का साथ तो मुस्लिम देश ही नहीं देते. भारत के खिलाफ इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान मुस्लिम देशों को एकजुट करने की बहुत कोशिशें करता है लेकिन हर बार उसे मुंह की खानी पड़ती है. इस्लामिक देशों के संगठन OIC में उसने भारत के खिलाफ इस्लामोफोबिया का जिक्र करते हुए राजदूतों का एक समूह बनाने की कोशिश की ताकि भारत को घेर सके लेकिन उसके मंसूबे पर पानी फिर गया.

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिशी मुनीर अकरम ने OIC की वर्चुअल बैठक में इस्लामोफोबिया का जिक्र किया और एक गठबंधन बनाने की मांग उठाई. मुनीर अहमद ने कश्मीर का जिक्र करते हुए भारतीय मुसलमानों की स्थिति का जिक्र किया और उनकी स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में उनका उत्पीड़न हो रहा है. पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि कोरोना महामारी के दौराब भारत में इस्लामोफोबिया खुल कर सामने आया. कश्मीर का जिक्र करते हुए पाकिस्तान ने कहा कि गैर मुस्लिमों को कश्मीर में बसा कर वहां जनसांख्यिकी बदलाव करना चाहता है. मुनीर अकरम ने कहा कि भारत के इस्लामोफोबिया को काउंटर करने के लिए मुस्लिम देशों को गठजोड़ करना होगा. लेकिन मालदीव और UAE ने पिस्टन की बातों को सिरे से खारिज कर दिया.

मालदीव के राजदूत थिलमीजा हुसैन ने कहा कि भारत पर इस्लामोफोबिया का आरोप लगाना बिलकुल गलत है. क्योंकि भारत में हर धर्म के लोग सालों से रहते आये हैं और उनकी सरकार क चुनने में बराबर भूमिका रहती है. उन्होंने ये भी कहा कि भारत पर ऐसा इल्जाम लगाना दक्षिण एशिया में धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ेगा. UAE ने तो ओअकिस्तान को साफ़ साफ़ भारत के आन्तरिक मामलों से दूर रहने की चेतावनी दी.