मलेशिया आखिर भारत विरोधी बयान क्यों दे रहा है? ट्रेंड हुआ #BoycottMalaysia

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सोशल मीडिया पर एक हैशटैग ट्रेंड कर रहा है @बॉयकॉटमलेशिया… जानते है क्यों? दरअसल मलेशिया ने पाकिस्तान के साथ अपना सुर मिलाया है.. मिलाया तो मिलाया लेकिन भारत के खिलाफ ऐसे बयान दे रहा है जो शायद किसी भी भारतीय को पसंद ना आये.. मैंने यहाँ शायद इसलिए कहा है क्योंकि कुछ लोगों को ये बयान पसंद भी आ सकता है…

 दरअसल मलशिया के हैं प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद.. इन्होने  संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को लेकर बयान दिया.. कश्मीर के बहाने भारत पर निशाना साध रहे थे.. इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है. अपने यूएन के भाषण में महातिर मोहम्मद ने कहा था कि भारत ने यूएन रेजॉलूशन के बाद भी कश्मीर पर जबरन कब्जा कर लिया है. दरअसल भाषण के बाद महातिर को शांति नही मिली तो twiiter पर गये और कश्मीर का रोना रोने लगे.. ठीक पाकिस्तान की तरह.. ट्वीटर पर मलेशिया के प्रधानमंत्री ने लिखा कि दुनिया म्यांमार में रोहिंग्याओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में नाकाम रही, जिसके कारण यूएन रेजॉलूशन के सम्मान में कमी आई है। अब, जम्मू और कश्मीर पर यूएन रेजॉलूशन के बाद भी, देश (भारत) ने इस पर जबरन कब्जा जमा लिया है. इसके अलवा उन्होंने एक ट्वीट और किया उसमें लिखा कि जम्मू-कश्मीर में कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन इसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान को मिलकर इसका समाधान ढूंढना चाहिए.

 लेकिन जैसे आपको इनका बयान पसंद नही आया ठीक उसी तरह सभी भारतीयों को भी इनका बयान पसंद नही आया.. और जमकर इनकी आलोचना हुआ और तो और बॉयकॉट मलेशिया सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा.

एक यूजर ने सोशल मीडिया पर हैशटैग बायकोट मलेशिया पर ट्वीट करते हुए कहा कि अब आप समझ सकते हैं कि जाकिर नाइक ने रहने के लिए मलेशिया को क्यों चुना.

दूसरे यूजर ने लिखा कि मलेशिया जाने की योजना बना रहा था, लेकिन अब दोबारा विचार करना पड़ेगा।

यहाँ आपको ये जानना भी जरूरी है कि मलेशिया ने पिछले दिनों ही पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक इस्लामी टीवी चैनल शुरू करने का फैसला किया था और तुर्की भी कहीं ना कहीं पाकिस्तान का सहयोग कर रहा है. इसकी पूरी जानकारी हमने आपको पिछले वीडियो में दी थी. डिस्क्रिप्शन में जाकर आप वीडियो का लिंक पा सकते है. हमने पूरी वीडियो में दी है.

खैर हम वापस मुद्दे पर लौटते हैं और महातिर पर बात करते हैं. अपने पूरे भाषण में महातिर ने चीन में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार एक शब्द नही बोल पाए…दरअसल महातिर इस समय चापलूसी में लगे हुए.. कुछ समय पहले उन्होंने स्वीकार किया था कि उनका देश चीन के साथ टकराव का रुख नहीं अपना सकते, चाहे वह दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता हो या उइगर मुसलमानों के साथ उसका व्यवहार. उन्होंने कहा कि चीन से टक्कर लेने के लिए मलेशिया बहुत छोटा देश है. चीन की चापलूसी में जुटा मलेशिया वहाँ सोना और चांदी तक भेज चुका है.

खैर अब महातिर के बयान के बाद भारत में उनके प्रति जबरदस्त आक्रोश है. अब लोग जाकिर नाइक को शरण देने पर भी महातिर पर हमला कर रहे हैं. महातिर के बयान में प्रोपगेंडा साफ़ झलकता है. कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था तो उसपर कब्जा करने का सवाल ही नही उठा.. दूसरी बात किसी भी तरह से कश्मीर के लोगों पर अत्याचार नही किया जा रहा है. महातिर पाकिस्तान के जरिये चीन को खुश करने में लग हुआ है.