अब अपने ही देश में बनने जा रह है विमान! मिलेगी हजारों नौकरियां

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रोजगार और मेक इन इंडिया को लेकर पिछले काफी समय से बहस चल रही है. सरकार लगातार इस कोशिश में लगी हुई है कि मेक इन इंडिया के तहत देश में प्रोजेक्ट्स शुरू किये जाए. कई प्रोजेक्ट्स इंडिया में शुरू भी हो चुके हैं. अब भारत में एक और प्रोजेक्ट की शुरुवात की जा सकती है.

भारत में मेक इन इंडिया को लेकर काफी तगड़ी बहस चलती है.अब आज हम आपको एक तगड़ी और बहुत तगड़ी खबर बताने जा रहे हैं जो मेक इन इंडिया से जुडी हुई है और सीधे सीधे आप पर असर करेगी. जिसे सुनकर आप भी खुश हो जायेंगे.
मोदी सरकार लगातार लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले ले रही हैं. नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश में ही यात्री विमानों के विनिर्माण का खाका तैयार करने पर काम किया जा रहा है. साथ ही देश के ही अंदर फाइनेंशिंग अरेंजमेंट मने पैसों का जुगाड़ करने पर भी विचार किया जा रहा है. सुरेश प्रभु ने बताया कि सरकार चाहती है कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत और पूरे परिवर्तन का काम भारत में ही किया जाए.


यहाँ आपको समझने की जरूरत है कि देश में हवाई यात्रा की मांग पूरी करने के लिए 2300 नए विमानों की जरूरत है और यदि यह काम देश से बाहर होगा तो सरकार को पैसों का नुकसान होगा और रोजगार पर भी इसका असर पड़ेगा. सुरेश प्रभु ने बताया कि हम भारत में विमान निर्माण का कार्य करने के लिए बाहरी कम्पनियों से हाथ भी मिला सकते हैं”. इससे देश में ही विमानों का निर्माण होगा और हजारों की संख्या में रोजगार पैदा होंगे…


भारत एविएशन क्षेत्र में तगड़ा विकास कर रहा है. अगले दो दशकों में भारत में एयर पैसेंजर ट्रैफिक मतलब हवा में उड़ने वालों की संख्या 1.12 बिलियन के पार हो जाएगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस समय एयर पैसेंजेर ट्रैफिक 187 मिलियन के करीब है. उड्डयन मंत्रीके मुताबिक़ चार साल पहले 400 एयरक्राफ्ट का चल रहे हैं और अब ये संख्या 622 तक पहुँच चुकी है.जो 2040 तक 2359 तक पहुँच जाने की उम्मीद है. इसी के साथ इस समय देश में 99 एअरपोर्ट हैं 2040 तक इसकी संख्या 200 के पार हो जायेगी.


वैसे आज एक समय लोग यात्रा करने के लिए हवाई जहाज का आधिक इस्तेमाल कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण हवाई जहाज के जरिये सफ़र करना आसान हो गया है, अगर सरकार की यह योजना भारत में लागू होती है तो बहुत बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलेगा और मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा मिलेगा. रोज़गार के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश करता है लेकिन सरकार लगातार देश में रोजगार पैदा करने वाले प्रोजेस्ट्स पर काम कर रही हैं. जिससे रोज़गार पैदा होने की संभावनाएं अधिक है.