जिसने कश्मीर से की आतंकियों की सफाई, आज उसी को विलेन बनाने में क्यों लगे हैं ये नेता!

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एक समय था जब कश्मीर घाटी में आतंकियों का ऐसा बोलबाला था कि स्थानीय नागरिक खौफ की जिन्दगी जीते थे.. लेकिन अब वहां के आतंकवादी खौफ में जी रहे हैं और स्थानीय लोग चैन की साँस ले रहे हैं. कहा तो यही भी जा रहा है लश्कर कमांडर की जगह खाली है, लेकिन कोई लेने के लिए तैयार नहीं है. इन सबके पीछे एक शख्स है जिसका नाम है मेजर रोहित शुक्ला….
आपने फिल्मों में देखा कि खलनायक पहले नायक की चुनौती देता है…. फिर नायक उस चुनौती को स्वीकार कर खलनायाक को उसके अंजाम तक पहुंचा देता है. ऐसी ही कुछ कहानी है मेजर रोहित शुक्ला की….


मेजर रोहित शुक्ला ने जिस तरह घाटी में आतंकियों के खिलाफ चलाये गये ऑपरेशंन को अंजाम दिया उससे आज भी आतंकियों की रूह कांपती है. आज के समय में मेजर शुक्ला का नाम ही आतंकियों के लिए खौफ से कम नही है. आपको ध्यान होगा कुछ समय पहले एक हिजबुल कमांडर की वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो मेजर रोहित शुक्ला को चैलेंज कर रहा था। उस वीडियो में वो सेना के एक मददगार युवक की पिटाई करते हुए दिखा था साथ ही वो कह रहा था कि शुक्ला को कहना कि अगर उसने अपनी मां का दूध पिया है तो सामने से आकर लड़े. इसके कुछ ही घंटों बाद मेजर शुक्ला और उनकी टीम ने इन आंतकियों का खात्मा कर दिया था…जिसके बाद मेजर शुक्ला और सेना की जमकर तारीफ हुई थी.इसके लिए मेजर शुक्ला को ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित भी किया गया था.. इसके बाद मेजर शुक्ला के रायफलमैन रहे औरंगजेब को आतंकियों ने अगवा कर लिया और मेजर शुक्ला के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन औरंगजेब ने कुछ भी बताने से मना कर…फिर आतंकियों ने वीडियो बनाते हुए उन्हें गोलिया से भून डाला था.
लेकिन अब मेजर शुक्ला कश्मीरी कट्टरपंथियों और अलगाववादियों के निशाने पर आ गये हैं. सिर्फ यही नही मेजर शुक्ला के खिलाफ हवा बनाने के लिए स्थानीय नेता भी इसमें शामिल हो गयी हैं. उन्हें कश्मीर से हटाने की मांग कर रहे हैं… लेकिन क्या आप जानते हैं कारण क्या है? क्यों इन अलगाववादियों और कट्टरपंथियों में मेजर शुक्ला के खिलाफ इतना आक्रोश पैदा हो गया है…आतंकियों के आँखों में किरकिरी बन चुके मेजर शुक्ला को अब कश्मीरी राजनीतिक पार्टियां विलेन क्यों साबित करने पर तुली हुई हैं.


दरअसल औरंगजेब की हत्या को मेजर शुक्ला नही भूले हैं. मेजर शुक्ला पर आरोप लगा कि उन्होंने शहीद राइफलमैन औरंगजेब की हत्या के सिलसिले में तौसीफ नाम के एक युवक से पूछताछ की और इस पूछताछ के दौरान मेजर शुक्ला पर तौसीफ को बेरहमी से पीटने का भी आरोप लगा है. ….. अब जिस व्यक्ति से औरंगजेब की हत्या से जुड़े होने पर पूछताछ ही रही है, रिमांड पर है…उसकी आरती तो नही उतारी जायेगी लेकिन इस खबर में कितनी सच्चाई है इसे तो हम नही बता सकते हैं लेकिन जिस तरह आतंकियों के साथ साथ अब राजनीतिक पार्टियाँ और मानवाधिकार मेजर शुक्ला के खिलाफ बोल रहा है, वो किसी किसी आतंकी के समर्थन जैसा तो माना ही जा सकता है.
पीडीपी के मुखिया महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि मेजर शुक्ला कैसा बहादुर है, जो जम्मू कश्मीर के रहने वाले लड़कों के साथ इतनी ज्यादती करता है, इसे बहादुरी नहीं कहते, उन्होंने राज्यपाल से मेजर शुक्ला के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की..
महबूबा मुफ़्ती ने जब मेजर की आलोचना की और राज्यपाल से शिकायत की तो राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने जवाब दिया कि सुरक्षाबल कोई ज्यादती नहीं करते,राज्यपाल मलिक ने महबूबा मुफ्ती के बयान को एक चुनावी स्टंट बताते हुए कहा है कि महबूबा मुफ्ती इसी तरह के विवादित बयानों के बाद सत्ता में वापस आई थीं.
वहीँ केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि ये नेता आतंकियों के मारे जाने पर तुरंत इसकी निंदा करने पहुंच जाते हैं, लेकिन ड्यूटी पर शहीद होने वाले किसी जवान के लिए इनके मुंह से सहानूभूति का एक शब्द भी नहीं निकलता..


हालाँकि बात तो सही है कि जब हमारे जवान कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो जाते हैं तो एक भी कश्मीरी नेता, कोई अलगाववादी सामने नही आता और जब एक आतंकी सेना द्वारा मारा जाता है तो यही लोग श्रधान्जली देने पहुँच जाते हैं. वही अगर बात करें मानवाधिकार का ..तो ऐसा लगता है जैसे मानवाधिकार को सिर्फ सेना द्वारा की जा रही कार्रवाई ही दिखाई देता है..आतंकियों द्वारा की जाने बर्बरता के पर मानवाधिकार अपनी आँखों पर पट्टी बाँध लेता है. अभी कुछ दिन पहले ही आतंकियों ने एक महिला की निर्मम हत्या की थी तब मानवाधिकार खामोश था… मानवाधिकार यही पर एक्सपोज होता है..
रही बात मेजर शुक्ला और सेना की तो सेना कभी बर्बरता नही करती सेना की सहनशीलता का अंदाजा तो आप इसी से लगा सकते है कि जब सेना की टोपी उछाली जा रही थी…उन्हें ठोकरे मारी जा रही थी…हाथ में बंदूख होने के बाद भी सेना के जवानों ने सब बर्दास्त किया था…सलाम है ऐसे जवानों को..जय हिन्द