मेजर जनरल जीडी बख्शी का मजाक उड़ाने वाले खुद बन रहें हैं मजाक

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हस्सी मजाक करना अच्छा होता है लेकिन एक ऐसे व्यक्ति पर मजाक बनाना जिसने देश के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया हो पूरी जिंदगी देशहित में लग दी हो ऐसा ही काम न्यूजलांड्री.कॉम ने किया है जनरल गगनदीप बख्शी जिन्हें हम जीडी बख्शी के नाम से भी जानते है जिन्हें आप आजकल टीवी चर्चाओं में हिस्सा लेते भी देखते हैं

न्यूजलांड्री के अभिनंदनशेखर ने मेजर जीडी बख्शी का मजाक बनाते हुए एक वीडियो पोस्ट शेयर किया है, जिसमें टीवी डिबेट्स में उनके अंदाज को लेकर उनपर तंज कसा गया है इस वीडियो में अभिनन्दन शेखर मेजर जनरल बख्शी की नक़ल करने की कोशिश में  आवाज़ें निकालते हैं

अभिनन्दन शेखर जैसे लोगों को हम दिशा दिखाएंगे लेकिन उस से पहले ज़रूरी है कि हम सब मेजर जनरल जीडी बख्शी के बारे में थोड़ा-बहुत उनके बारे में जान लें उनके बारे में जानना इसीलिए भी जरूरी है ताकि आगे जब भी ऐसे लोग हमारे रक्षकों का मज़ाक बनाएँ, हम उन्हें करारा सबक सिखाए

अपने ही देश में शरणार्थी बनने को मजबूर कश्मीरी पंडितों के बारे में शायद आप सब जानते होंगे कश्मीरी पंडितों ने कभी हथियार नहीं उठाया और देशहित में अपना योगदान देते रहे उन्हें अपना घर बार, सम्पति सबकुछ छोड़ना पड़ा कइयों को तो मार दिया गया इस बारे में लगभग कुछ न कुछ सबको पता है लेकिन, कश्मीरी पंडितों को घाटी से भगाने के बाद पाकिस्तान के मंसूबे और भी ख़तरनाक हो गए थे इसके बाद अलगाववादियों व आतंकवादियों की नज़र जम्मू कश्मीर में रह रहे डोगरा लोगों पर पड़ी उन्हें भी  निशाना बनाया जाने लगा उनका भी हाल कश्मीरी पंडितों जैसा करने की साजिश रची गई


2001 में 13 डोगरा हिन्दुओं को निर्ममतापूवक मार डाला गया उनमे महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे जीडी बख्शी ने इसके बाद जीडी बख्शी ने आतंकियों के ख़िलाफ़ चौतरफा प्रहार शुरू कर किया लगभग एक महीने के अंदर-अंदर इस नरसंहार को अंजाम देने वाले सभी आतंकियों का काम तमाम कर दिया गया जीडी बख्शी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने इस जोख़िम भरे ऑपरेशन को अंजाम दिया डोगराओं की वापसी के बाद उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया भी किया गया अभी भी वे किसी न किसी रूप में देशहित में कार्य करते रहते हैं 

कमरे में बैठ कर ऐसा मजाक करने वालों को कुछ शर्म तो आनी चाहिए कोई अपनी भावनाओं को जाहिर करता है तो मतलब ये नही की आप उनक मजाक बनाएंगे उनकी नकल करेंगे अपने लंबे अनुभवों के आधार पर अगर जीडी बख्शी कुछ कहते तो उन्हें सुनाना चाहिए  उन्होंने आपकी रक्षा के लिए सीमा पर आतंकियों से लोहा लिया है हमें बचपन से सैनिकों का सम्मान करना सिखाया जाता है अपने पिता के उम्र के एक सैन्य अधिकारी का अपमान करने से आपको कुछ हासिल नही होगा बल्कि जीडी बख्शी का मजाक बनाने की कोशिश कर आप खुद मजाक बन रहें है