महाराष्ट्र : बीजेपी की सीटें घट गयीं लेकिन कांग्रेस की हालत ख़राब है!

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गये हैं. बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन एक बार सरकार बनाने में सफल होती दिखाई दे रही है. बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को 161 सीटें मिल रही हैं वहीँ विपक्ष भी इस बार मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है लेकिन कांग्रेस की हालत खराब ही है. कांग्रेस को महाराष्ट्र में 44 सीटें और एनसीपी के खाते में 54 सीटें जाती दिखाई दे रही हैं.बात करें शिवसेना की तो उसके लिए सबसे ख़ुशी की बात ये है कि शिवसेना को ठाकरे परिवार में से पहला विधायक मिल गया है. इसका मतलब ये है कि आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा से चुनाव जीत गये हैं. वहीँ पर्ली विधानसभा क्षेत्र से पंकजा मुंडे चुनाव हार गयी हैं. पंकजा मुंडे की टक्कर उनके ही चचेरे भाई धनंजय मुंडे से थी.

वैसे महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों में बीजेपी को उम्मीद थी कि कम से कम आधी सीटों पर बाजी मार ले जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हो सका है. बीजेपी की उम्मीदों पर पानी फिरा है.

अगर देखा जाए तो इस चुनाव में बीजेपी को सीटों का नुकसान झेलना पड़ रहा है. वहीँ शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सीटों में इजाफा हुआ है. बीजेपी के बड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ा था. महाराष्ट्र चुनावों में भाजपा मराठा आऱक्षण, किसान कर्जमाफी, सुशासन, तीन तलाक, और अनुच्छेद 370 को मुद्दा बना कर इन चुनावों में उतरी थी. वहीँ शिवसेना की तरफ से बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने का भी वादा किया गया.. लेकिन मौजूदा नतीजों से स्पष्ट लग रहा है कि विपक्षी दलों की तरफ से उठाए गए स्थानीय मुद्दों के सामने भाजपा के राष्ट्रीय मुद्दे कमजोर नजर आए… इसके साथ ही साथ आरे, पीएमसी बैंक घोटाले से भी हो सकता है कि  बीजेपी को नुकसान झेलना पड़ा हो.. महाराष्ट्र में भी पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लोग मतदान करने कम पहुंचे. कल यानी 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में 60.5 फ़ीसदी लोगों ने वोट डाले जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में यहाँ वोटिंग प्रतिशत 63.08 था….

विदर्भ में बीजेपी का प्रदर्शन खराब होने की वजह से प्रदर्शन पर असर पड़ा। यह इलाका खासतौर से बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस भी इसी इलाके से आते हैं। लेकिन जिस तरह से इस इलाके में सूखे, किसानों की खुदकुशी के मामले सामने आए उसका असर नतीजों पर दिखाई दे रहा है।

अगर एनसीपी के सीटों की संख्या को देखें तो एक बात साफ है कि चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से शरद पवार के खिलाफ ईडी का मामला सामने आया उसकी वजह से पवार के लिए सहानुभूति उमड़ी।

महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों से पता चलता है कि शिवसेना और बीजेपी के स्थानीय कैडर में तालमेल की कमी से भी बीजेपी और शिवसेना ने उस हद तक सफलता हासिल नहीं की जो एग्जिट पोल में बतायी जा रही थी।

शिवसेना में प्रमुख हारने वालों में मुंबई के महापौर विश्वनाथ महादेश्वर है. जो ठाकरे के गृह निर्वाचन क्षेत्र, और नाला सोपारा (पालघर) में हाई-प्रोफाइल ‘एनकाउंटर सिपाही’ प्रदीप एच शर्मा को बहुजन विकास अघडी के क्षितिज एच ठाकुर ने हराया.

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले दिलचस्प समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 122 और शिवसेना को 63 सीटें मिली थीं.  जबकि एनसीपी को 41 और कांग्रेस को 42 सीटें मिली थीं.

वहीँ इस बार बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को 161 सीटें मिली है और एनसीपी को 56 कांग्रेस को 44 और अन्य के खाते में 23 सीटें जा सकती है. ये तो रही सीटों और नतीजों की बात.. अब बात करते सरकार बनाने की… चुनाव नतीजे आने के बाद ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 50-50 फार्मूले के साथ सरकार बनाने की बात कहीं है. अब ये बात स्पष्ट नही हो पाया है कि 50-50 फार्मूला आखिर क्या है?